Kakoli Ghosh Resigns TMC:TMC Internal Revolt: TMC में बगावत की खबरों के बीच पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। ममता बनर्जी के लंबे समय से करीबी मानी जाने वाली नेता और बारासात सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने पार्टी नेतृत्व के खिलाफ खुलकर नाराजगी जाहिर की है।काकोली घोष ने संगठनात्मक पद छोड़ने के साथ साफ संकेत दे दिए हैं कि पार्टी के भीतर सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। उनके इस कदम के बाद राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
TMC में बगावत को उस समय और बल मिला जब काकोली घोष ने 24 मई को बारासात संगठनात्मक जिले के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया।मध्यमग्राम स्थित तृणमूल जिला कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि उनका फैसला पार्टी में बढ़ते दिखावे, संस्थागत भ्रष्टाचार और राजनीतिक सलाहकार कंपनियों के बढ़ते दखल के खिलाफ विरोध है।
पार्टी नेतृत्व को लिखी चिट्ठी में क्या कहा?
TMC में बगावत के बीच काकोली घोष ने पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुब्रत बख्शी को एक पत्र भी लिखा।उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में हाल के दिनों में अपराध और भ्रष्टाचार की कई घटनाओं ने आम लोगों के मन में सवाल और चिंता पैदा कर दी है। उनके मुताबिक पार्टी को इन मुद्दों पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।
चुनाव नतीजों के बाद बढ़ा असंतोष
TMC में बगावत की चर्चा चुनाव नतीजों के बाद और तेज हो गई है। पार्टी के अलग-अलग स्तरों पर नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार जारी है।राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में कई और बड़े नेता भी पार्टी से दूरी बना सकते हैं। इससे ममता बनर्जी की राजनीतिक चुनौती और बढ़ सकती है।
चार बार सांसद रह चुकी हैं काकोली घोष
TMC में बगावत के बीच काकोली घोष का नाराज होना पार्टी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।वह बारासात लोकसभा सीट से लगातार चार बार सांसद चुनी जा चुकी हैं और लंबे समय से तृणमूल कांग्रेस का बड़ा चेहरा रही हैं। ऐसे में उनका असंतोष राजनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है।
100 से ज्यादा पार्षदों के इस्तीफे से बढ़ी चिंता
TMC में बगावत को लेकर पार्टी की चिंता इसलिए भी बढ़ गई है क्योंकि हाल ही में पश्चिम बंगाल में 100 से ज्यादा पार्षदों ने सामूहिक रूप से अपने पद और पार्टी से इस्तीफा दिया था।25 और 26 मई 2026 को हुए इन इस्तीफों के बाद अब काकोली घोष के फैसले ने सियासी हलचल और बढ़ा दी है। विपक्ष भी इस मुद्दे को लेकर TMC पर लगातार निशाना साध रहा है।
बंगाल की राजनीति में बढ़ सकती है हलचल
TMC में बगावत के लगातार सामने आ रहे मामलों से साफ संकेत मिल रहे हैं कि पश्चिम बंगाल की राजनीति में आने वाले दिनों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि क्या और नेता भी पार्टी छोड़ेंगे या ममता बनर्जी हालात को संभालने में सफल रहेंगी।









