निशानेबाज़ न्यूज़ डेस्क : छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में पीलिया का प्रकोप गंभीर होता जा रहा है। अब तक कक्षा आठवीं के एक छात्र और एक 40 वर्षीय व्यक्ति की पीलिया से मौत हो चुकी है। लगातार बढ़ते मामलों ने शहर में चिंता का माहौल पैदा कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अब तक 50 से अधिक मरीज सामने आ चुके हैं, जबकि हर दिन नए मामले मिल रहे हैं।
दूषित पेयजल पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर निगम द्वारा सप्लाई किया जा रहा पेयजल दूषित है, जिसके कारण संक्रमण तेजी से फैल रहा है। माना जा रहा है कि लंबे समय से पानी की गुणवत्ता प्रभावित थी, जिससे अचानक मरीजों की संख्या बढ़ी।
नगर निगम प्रशासन ने पेयजल सैंपल जांच के लिए अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज, सूरजपुर और रायपुर की प्रयोगशालाओं में भेजे हैं। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।कमिश्नर डी.एन. कश्यप के अनुसार जिन इलाकों में दूषित पानी की आशंका है, वहां मरम्मत और सुधार कार्य जारी है।
Read More : छत्तीसगढ़ में नक्सल संगठन एक और को बड़ा झटका! डीवीसीएम मल्लेश ने किया सरेंडर
छात्र समेत दो की मौत
नमनाकला खटीकपारा निवासी 13 वर्षीय दिव्यांश राय, जो कार्मेल स्कूल में आठवीं कक्षा का छात्र था, 19 फरवरी को बीमार पड़ा। जांच में पीलिया की पुष्टि हुई। हालत बिगड़ने पर उसे अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।इसके अलावा नवापारा झंझटपारा निवासी 40 वर्षीय सोनालाल की भी 22 फरवरी को पीलिया से मौत हो गई।
सिंहदेव का आरोप—प्रशासन जिम्मेदार
पूर्व डिप्टी CM टीएस सिंहदेव ने इस मामले को लेकर स्थानीय प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि कई हफ्तों से समस्या की ओर ध्यान दिलाया जा रहा था, लेकिन लापरवाही के कारण एक मासूम की जान चली गई।सिंहदेव ने शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।
कांग्रेस करेगी निगम कार्यालय का घेराव
जिला कांग्रेस कमेटी ने नगर निगम कार्यालय के घेराव का ऐलान किया है। कार्यकर्ता दोपहर 12:30 बजे कोठीघर से रैली निकालकर नए निगम भवन तक मार्च करेंगे।
स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. पीएस मार्को ने बताया कि प्रभावित क्षेत्र में स्वास्थ्य टीम भेजी जाएगी। वहां कैंप लगाकर जांच और इलाज की व्यवस्था की जाएगी।
Ambikapur Jaundice Outbreak ने शहर की स्वास्थ्य व्यवस्था और पेयजल आपूर्ति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि संक्रमण की असली वजह क्या है, लेकिन फिलहाल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के लिए यह बड़ी चुनौती बन गया है।











