पणजी : गोवा पुलिस ने पूर्व जल संसाधन मंत्री विनोद पालयेकर के विरुद्ध एक 23 वर्षीय महिला की शिकायत पर यौन उत्पीड़न, धोखाधड़ी और गरिमा भंग करने का मामला दर्ज किया है। पीड़िता का आरोप है कि पालयेकर ने करियर के सुनहरे अवसर दिलाने का झूठा वादा कर उसे अपने जाल में फंसाया और फिर उसका शारीरिक शोषण किया।
क्या हैं आरोप?
पुलिस को दी गई शिकायत में महिला ने बताया कि पालयेकर ने उसे करियर के विकास को लेकर “भ्रामक और झूठे आश्वासन” दिए थे।
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धोखाधड़ी: आरोपी ने जानबूझकर करियर के अवसरों का लालच देकर महिला के साथ संबंध स्थापित किए।
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यौन शोषण: पीड़िता के अनुसार, जब वह आरोपी के साथ रह रही थी, तब उसका यौन उत्पीड़न और यौन हमला किया गया, जिससे उसकी शारीरिक और मानसिक गरिमा को ठेस पहुँची।
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वादाखिलाफी: शिकायत में यह भी कहा गया है कि आरोपी ने करियर से जुड़े अपने वादों को पूरा नहीं किया और महिला को भावनात्मक रूप से गहरी चोट पहुँचाई।
किन धाराओं में दर्ज हुआ मामला?
गोवा पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की निम्नलिखित धाराओं के तहत केस दर्ज किया है:
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धारा 69: धोखे से या पहचान छिपाकर यौन संबंध बनाना।
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धारा 75 (2): यौन उत्पीड़न।
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धारा 318 (4): धोखाधड़ी (Cheating)।
विनोद पालयेकर का राजनीतिक सफर
विनोद पालयेकर गोवा फॉरवर्ड पार्टी (GFP) के टिकट पर 2017 से 2022 तक उत्तरी गोवा के सियोलिम निर्वाचन क्षेत्र से विधायक रहे हैं। वे मनोहर पर्रिकर सरकार (2017-2019) में जल संसाधन और मत्स्य पालन मंत्री के रूप में कार्य कर चुके हैं। अपने मंत्री कार्यकाल के दौरान वे तटीय इलाकों में ड्रग्स के खिलाफ अभियान और लेट-नाइट पार्टियों पर प्रतिबंध की मांग को लेकर काफी चर्चा में रहे थे।
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शिकायत 31 जनवरी को प्राप्त हुई थी, जिसकी प्रारंभिक जांच के बाद अब FIR दर्ज की गई है। पुलिस फिलहाल शिकायत की सामग्री की पुष्टि कर रही है और जांच प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पालयेकर की ओर से अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।













