मऊगंज: मध्य प्रदेश के मऊगंज से भाजपा विधायक प्रदीप पटेल पिछले लगभग एक महीने से सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आए हैं। उनकी लोकेशन को लेकर अलग-अलग स्रोतों से परस्पर विरोधी जानकारी सामने आ रही है। कुछ लोग उन्हें भोपाल स्थित सरकारी आवास में परिवार के साथ रहने की बात कह रहे हैं, तो कुछ के अनुसार वे अपने गृह क्षेत्र में हैं। वहीं एक अन्य चर्चा में उनके अमरकंटक के किसी आश्रम में होने की बात भी कही जा रही है।
इसी बीच मामले में कथित मूसा गैंग की एंट्री ने सियासी हलचल और बढ़ा दी है। विधायक ने दावा किया है कि गैंग ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी है और पिछले कुछ समय में उन पर छह बार हमला भी हो चुका है। उन्होंने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मऊगंज एसपी दिलीप सोनी गैंग से खौफ खाते हैं और उन्हें संरक्षण दे रहे हैं।
Read More : M.P 12वीं बोर्ड परीक्षा: पहले दिन 13 छात्र नकल करते पकड़ाए , CCTV से कड़ी निगरानी
विधायक ने यह भी आरोप लगाया कि करीब डेढ़ साल पहले उनके घर में घुसकर बहन और बहनोई को बंधक बनाकर डकैती की वारदात हुई थी। हालांकि इन आरोपों पर पुलिस का रुख अलग है। एसपी दिलीप सोनी ने स्पष्ट कहा कि ऐसा कोई गैंग अस्तित्व में नहीं है।
दूसरी ओर, एक पुराने घटनाक्रम ने विवाद को और उलझा दिया है। 29 जनवरी 2025 की रात की टीआई सनत द्विवेदी की डायरी एंट्री में दर्ज है कि 40-50 लोग थाने पहुंचकर उन्हें धमकाने लगे थे। इस तथ्य के सामने आने से प्रशासनिक स्तर पर भी सवाल उठ रहे हैं।
जमीन विवाद बना असली वजह?
कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि विधायक के सार्वजनिक रूप से गायब रहने के पीछे जमीन से जुड़ा विवाद असली कारण हो सकता है। बताया गया कि उन्होंने भूमि स्वामी के खिलाफ जिंदा जलाकर मारने की कोशिश की शिकायत दर्ज करवाई थी, जिसके बाद से तनाव की स्थिति बनी हुई है।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि विधायक प्रदीप पटेल आखिर हैं कहां। आधिकारिक तौर पर उनकी स्थिति स्पष्ट न होने से राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज है।









