Bareilly Jitendra Yadav Murder : बरेली (उत्तर प्रदेश)। इज्जतनगर थाना क्षेत्र की कैलाशपुरम कॉलोनी में हुए जितेंद्र यादव हत्याकांड ने रिश्तों को शर्मसार कर दिया है। 25 नवंबर 2025 को जिस जितेंद्र ने 9 साल के इंतजार के बाद अपनी प्रेमिका ज्योति से शादी की थी, उसे क्या मालूम था कि वही ज्योति महज 62 दिनों में उसकी जान ले लेगी। पुलिस ने कड़ियां जोड़ते हुए आरोपी पत्नी ज्योति, उसके पिता कालीचरन और मां चमेली को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है।
साजिश का पर्दाफाश: स्टूल ने दी गवाही 26 जनवरी को जब जितेंद्र का शव उसके घर में फंदे से लटका मिला, तो पहली नजर में यह आत्महत्या लगा। लेकिन मौके पर पहुँची फॉरेंसिक टीम को कुछ अजीब लगा। जितेंद्र के पैर नीचे रखे स्टूल पर पूरी तरह टिके हुए थे। विज्ञान कहता है कि अगर पैर टिके हों तो फांसी से मौत नामुमकिन है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने पुलिस के शक पर मुहर लगा दी, जिसमें मौत की वजह ‘गला दबाना’ (Strangulation) बताया गया, न कि लटकना।
विवाद की जड़: जुआ और लालच जांच में सामने आया कि ज्योति शादी के बाद से ही जितेंद्र पर अपनी पैतृक संपत्ति बेचकर उसके नाम पर कार और मकान खरीदने का दबाव बना रही थी। घटना वाले दिन जितेंद्र ऑनलाइन जुए में 20 हजार रुपये हार गया था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच तीखी बहस हुई। गुस्से में पागल ज्योति ने जितेंद्र का गला घोंट दिया। वारदात के बाद उसने अपने माता-पिता को बुलाया और तीनों ने मिलकर शव को मफलर के सहारे वेंटिलेटर से लटका दिया ताकि पुलिस को यह सुसाइड लगे।
पुलिस की सख्ती के आगे टूटी ज्योति एसएसपी अनुराग आर्य के निर्देश पर पुलिस ने जब ज्योति की कॉल डिटेल (CDR) खंगाली, तो पता चला कि उसने पति की ‘मौत’ के बाद ससुराल वालों के बजाय अपने मायके फोन किया था। सख्ती से पूछताछ करने पर ज्योति ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने कब्रिस्तान के पास से भागने की फिराक में खड़ी ज्योति और उसके माता-पिता को दबोच लिया।











