Union Budget 2026 Analysis : सिंगरौली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए बजट 2026-27 पर प्रतिक्रिया देते हुए सिंगरौली की प्रसिद्ध सीए मनोरमा शाहवाल ने इसे देश के भविष्य की नींव मजबूत करने वाला बजट बताया है। उन्होंने कहा कि भले ही पुराने टैक्स रेजीम में बदलाव न हुआ हो, लेकिन नई कर व्यवस्था (New Tax Regime) को सरकार ने इतना आकर्षक बना दिया है कि ₹12 लाख तक की वार्षिक आय वाले करदाताओं को अब प्रभावी रूप से ‘शून्य’ टैक्स देना होगा।
टैक्स सिस्टम का सरलीकरण और राहत सीए मनोरमा शाहवाल ने विश्लेषण करते हुए बताया कि सरकार नया आयकर अधिनियम 2025 लेकर आ रही है, जो अप्रैल 2026 से प्रभावी होगा। इसमें टैक्स स्लैब को युक्तिसंगत बनाया गया है—अब ₹4 लाख तक की आय कर-मुक्त है, और ₹12 लाख तक की आय पर मिलने वाली रिबेट को बढ़ाकर ₹60,000 कर दिया गया है। इसके अलावा, विदेश में पढ़ाई और इलाज के लिए भेजे जाने वाले धन पर TCS की दर 5% से घटाकर 2% करना मध्यम वर्ग के लिए बड़ी राहत है।
छात्राओं की सुरक्षा और उच्च शिक्षा पर फोकस बजट के सामाजिक पहलुओं पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि प्रत्येक जिले में छात्राओं के लिए एक छात्रावास (Girls’ Hostel) बनाने की घोषणा महिला सशक्तिकरण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। यह कदम ग्रामीण क्षेत्रों की उन छात्राओं के लिए वरदान है जो आवास की सुविधा न होने के कारण उच्च शिक्षा (STEM) बीच में ही छोड़ देती थीं। साथ ही, 15,000 स्कूलों में एवीजीसी (AVGC) लैब की स्थापना युवाओं को नई तकनीक से जोड़ेगी।
स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे में निवेश स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ी राहत देते हुए सरकार ने कैंसर की 17 जीवन रक्षक दवाओं पर लगने वाले मूल सीमा शुल्क (Basic Customs Duty) को पूरी तरह हटा दिया है। सीए मनोरमा ने इसे मानवीय दृष्टिकोण वाला फैसला बताया। परिवहन के क्षेत्र में 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर (जैसे दिल्ली-वाराणसी और मुंबई-पुणे) और 20 नए जलमार्गों का प्रस्ताव देश की गतिशीलता को वैश्विक स्तर पर ले जाएगा।
निष्कर्ष: विकसित भारत का रोडमैप मनोरमा शाहवाल के अनुसार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के लिए ‘भारत विस्तार’ टूल और ‘बायोफॉर्मा शक्ति’ जैसी योजनाएं दर्शाती हैं कि सरकार केवल वर्तमान की समस्याओं को नहीं सुलझा रही, बल्कि 2047 के विकसित भारत का रोडमैप तैयार कर रही है। यह बजट तकनीक, पारदर्शिता और विवाद-मुक्त प्रशासन पर केंद्रित है, जो लंबी अवधि में निवेशकों और आम नागरिकों दोनों के लिए लाभकारी होगा।











