नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के बीच तनाव बढ़ता नजर आ रहा है। सूत्रों के मुताबिक, अगर पाकिस्तान ने T20 वर्ल्ड कप 2026 से अपना नाम वापस लिया तो ICC उस पर सख्त कार्रवाई करने की तैयारी में है। हालात ऐसे बने हैं कि पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में फिर से अलग-थलग किया जा सकता है।
PCB के रुख से नाराज़ ICC, चेतावनी जारी
ICC ने यह चेतावनी PCB प्रमुख मोहसिन नकवी के हालिया बयान के बाद दी है। नकवी ने संकेत दिया था कि यदि पाकिस्तान सरकार निर्देश देती है तो PCB भी बांग्लादेश के समर्थन में T20 वर्ल्ड कप 2026 से हट सकता है। उन्होंने कहा था कि इस पर अंतिम फैसला प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के विदेश दौरे से लौटने के बाद लिया जाएगा।
Read More : निवाड़ी : ओरछा यातायात पुलिस ने पिकअप ड्राइवर को पीटा, पुलिस और अधिकारियों की चुप्पी
T20 वर्ल्ड कप से हटने पर लग सकते हैं कई बड़े प्रतिबंध
सूत्रों के अनुसार, ICC ने साफ कर दिया है कि अगर पाकिस्तान टूर्नामेंट से बाहर होता है तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। ICC तीन प्रमुख मोर्चों पर पाकिस्तान को घेरने की रणनीति बना रही है, जिससे उसका क्रिकेट ढांचा बुरी तरह प्रभावित हो सकता है।
पाकिस्तान क्रिकेट पर मंडराता बैन का खतरा
ICC के संभावित प्रतिबंधों में सबसे बड़ा झटका पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) को लग सकता है। सूत्रों के मुताबिक, PSL में विदेशी खिलाड़ियों की भागीदारी पर रोक लगाई जा सकती है, जिससे लीग की अंतरराष्ट्रीय साख को भारी नुकसान पहुंचेगा।
बाइलेट्रल सीरीज और एशिया कप से भी बाहर हो सकता है पाकिस्तान
इतना ही नहीं, पाकिस्तान के साथ सभी द्विपक्षीय क्रिकेट सीरीज पर भी बैन लगाया जा सकता है। इसके अलावा, एशिया कप जैसे बड़े टूर्नामेंट से भी पाकिस्तान को बाहर किए जाने की संभावना जताई जा रही है, जिससे एशियाई क्रिकेट में उसकी भूमिका कमजोर हो जाएगी।
फंडिंग और राजस्व पर भी पड़ेगा असर
ICC से मिलने वाली फंडिंग में कटौती और राजस्व नुकसान भी PCB के लिए बड़ा झटका साबित हो सकता है। साथ ही, PSL की अंतरराष्ट्रीय मान्यता तक छीने जाने की आशंका जताई जा रही है, जो पाकिस्तान क्रिकेट के लिए लंबे समय तक नुकसानदेह होगी।
सरकारी फैसले पर टिकी नजरें
फिलहाल, पूरा मामला पाकिस्तान सरकार के फैसले पर टिका हुआ है। ICC ने साफ संकेत दे दिया है कि टूर्नामेंट से हटना पाकिस्तान के लिए आसान नहीं होगा और इसका अंजाम बेहद गंभीर हो सकता है।









