भोपाल: मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन की अध्यक्षता में राजधानी में कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। इस बैठक में उन्होंने सभी कलेक्टरों और कमिश्नरों को कड़े निर्देश दिए और कहा कि कोई यह न सोचे कि कुछ पता नहीं चलता, क्या हो रहा है, सब कुछ मालूम है।
भ्रष्टाचार से दूर रहें, जनता हित में काम करें
मुख्य सचिव अनुराग जैन ने अधिकारियों से कहा कि भ्रष्टाचार से दूर रहना और सरकार की प्राथमिकताओं के अनुरूप जनता के हित में काम करना उनकी जिम्मेदारी है। उन्होंने साफ किया कि कुछ जिलों की शिकायतें सीधे उनके और मुख्यमंत्री के पास पहुंच रही हैं, इसलिए समय रहते सुधार करना ही बेहतर होगा।
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85 बिंदुओं पर जिलावार समीक्षा
सीएस जैन ने 85 बिंदुओं पर जिलावार समीक्षा की। बैठक में टॉप थ्री और बॉटम थ्री जिलों की जानकारी साझा की गई। कमजोर प्रदर्शन वाले जिलों को अपनी स्थिति सुधारने के लिए चेतावनी दी गई और अधिकारियों से अपेक्षा जताई गई कि वे तेजी से सुधारात्मक कदम उठाएं।
महिला सुरक्षा और मुस्कान अभियान की समीक्षा
बैठक में महिला सुरक्षा पर किए गए प्रयासों की भी समीक्षा की गई। साथ ही नाबालिग बालिकाओं के गुम होने और उनकी खोज के लिए चलाए जाने वाले मुस्कान अभियान पर भी चर्चा हुई। इस अभियान के तहत अब तक 1900 से अधिक बालिकाओं को सुरक्षित बरामद किया गया।
जिलेवार प्रदर्शन
जन जागरूकता और बालिकाओं की बरामदगी में टीकमगढ़, धार और सिंगरौली टॉप थ्री जिलों में शामिल हैं। वहीं पन्ना, मुरैना और भिंड बॉटम थ्री जिलों में हैं, जिन्हें सुधारात्मक कदम उठाने की जरूरत है।
मुख्य सचिव ने कहा कि प्रशासन को अपनी जिम्मेदारी गंभीरता से निभानी होगी। जनता की सेवा में तेजी लाने और महिला सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी अधिकारी सतर्क रहें और समय पर कार्रवाई करें।











