बच्चे के जन्म के बाद पीरियड्स कब से होंगे शुरू? जानें कब लेना चाहिए डॉक्टर से संपर्क

Rahul Goshwami

निशानेबाज न्यूज़ डेस्क :  बच्चे की डिलीवरी के बाद महिला के शरीर में कई शारीरिक और हॉर्मोनल बदलाव होते हैं। इस दौरान पीरियड्स साइकिल का रुकना या देर से शुरू होना सामान्य माना जाता है। हर महिला में समय अलग-अलग हो सकता है। स्तनपान, शारीरिक स्वास्थ्य, और दिनचर्या जैसी चीज़ें पीरियड्स की वापसी को प्रभावित करती हैं।

बच्चे को स्तनपान कराने वाली महिलाओं में पीरियड्स की वापसी में देरी

महिला रोग विशेषज्ञ के अनुसार, जो महिलाएं नियमित रूप से स्तनपान कराती हैं, उनमें पीरियड्स लौटने में 6 महीने या उससे अधिक समय लग सकता है। वहीं जो महिलाएं बच्चे को ब्रेस्टफीड नहीं कराती, उनमें पीरियड्स आमतौर पर 6 से 8 हफ्तों के भीतर शुरू हो जाते हैं।

पीरियड्स साइकिल का अनियमित होना

शुरुआती महीनों में पीरियड्स अनियमित हो सकते हैं। कभी ज्यादा ब्लीडिंग, कभी कम, और साइकिल का समय आगे-पीछे होना आम है। धीरे-धीरे शरीर सामान्य स्थिति में लौटता है और पीरियड्स नियमित होने लगते हैं।

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कब हो सकती है चिंता की बात?

डिलीवरी के बाद पीरियड्स का देर से आना हर बार खतरनाक नहीं होता, लेकिन इन संकेतों पर ध्यान देना जरूरी है:

  • लंबे समय तक पीरियड्स न आना

  • अत्यधिक या बहुत कम ब्लीडिंग

  • तेज दर्द, चक्कर या कमजोरी

  • असामान्य या बदबूदार डिस्चार्ज

  • अचानक वजन बढ़ना या कमजोरी महसूस होना

ऐसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

डॉक्टर से कब मिलें?

  • डिलीवरी के एक साल बाद भी पीरियड्स न आएं।

  • ब्लीडिंग असामान्य हो या दर्द ज्यादा हो।

  • असामान्य डिस्चार्ज या अन्य लक्षण दिखें।

समय पर सलाह लेने से हॉर्मोनल असंतुलन और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से बचा जा सकता है।

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