CG News : महिला कर्मचारी प्रताड़ना मामले में डिप्टी डायरेक्टर पर FIR, प्रशासनिक हलकों में हड़कंप

Sanjay Sahu
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CG News : जांजगीर। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में एक गंभीर और संवेदनशील मामला सामने आया है, जिसने प्रशासनिक महकमे में हलचल मचा दी है। जिले के कृषि विभाग के तत्कालीन उप संचालक और वरिष्ठ अधिकारी रहे एल.एम. भगत के खिलाफ महिला अधीनस्थ कर्मचारी की लज्जा भंग करने की नीयत से मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न का मामला दर्ज किया गया है। चांपा थाना पुलिस ने आरोपी अधिकारी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 79 के तहत एफआईआर दर्ज की है।

CG News : जानकारी के अनुसार एल.एम. भगत जांजगीर जिले में कृषि विभाग के उप संचालक पद पर पदस्थ थे। लगभग एक माह पहले ही उनका स्थानांतरण जांजगीर से रायगढ़ जिले में कर दिया गया है, जहां वे वर्तमान में पदस्थ हैं। आरोप है कि अपने पद का दुरुपयोग करते हुए उन्होंने विभाग में कार्यरत एक महिला कर्मचारी को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया और शारीरिक रूप से भी अनुचित व्यवहार किया।

CG News : पीड़ित महिला कर्मचारी ने करीब दो माह पहले इस पूरे मामले की शिकायत जांजगीर कलेक्टर जन्मेजय महोबे और पुलिस अधीक्षक विजय पांडे से की थी। शिकायत में महिला ने आरोप लगाया था कि वरिष्ठ अधिकारी होने के कारण एल.एम. भगत लगातार दबाव बनाते थे और उनकी गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला आचरण करते थे। महिला का कहना था कि यह उत्पीड़न लंबे समय से चल रहा था, जिससे वह मानसिक तनाव में आ गई थीं।

 

CG News : मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर और एसपी ने तत्काल संज्ञान लेते हुए विभागीय और पुलिस की संयुक्त जांच टीम गठित की। इस टीम में जांजगीर की सीएसपी योगिता बाली भी शामिल थीं। जांच के दौरान महिला कर्मचारी के बयान, उपलब्ध साक्ष्य और परिस्थितिजन्य तथ्यों की गहन पड़ताल की गई, जिसमें शिकायत में लगाए गए आरोपों की प्राथमिक पुष्टि हुई।

CG News : जांच रिपोर्ट के आधार पर चांपा थाना में एल.एम. भगत के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। हालांकि समाचार लिखे जाने तक आरोपी अधिकारी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी वर्तमान में रायगढ़ जिले में पदस्थ हैं और मामले की विवेचना जारी है। सभी आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं और जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

CG News : इस घटना के बाद महिला कर्मचारियों की सुरक्षा और कार्यस्थल पर उत्पीड़न जैसे मुद्दे एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं। प्रशासनिक हलकों में यह मामला इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि आरोप जिले के एक वरिष्ठ अधिकारी पर लगे हैं। यदि आरोप सिद्ध होते हैं तो आरोपी अधिकारी के खिलाफ कड़ी विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

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