High Court Indore Order : इंदौर: मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा इंदौर के बीआरटीएस कॉरिडोर को हटाने और शहर की यातायात व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने के निर्देशों के बाद प्रशासन एक्शन मोड में आ गया है। इस संबंध में गठित उच्च स्तरीय समिति ने अपनी पहली बैठक आयोजित की, जिसमें शहर के ट्रैफिक ढांचे को सुधारने के लिए कई बड़े निर्णय लिए गए हैं।
अवैध पार्किंग पर कड़ा प्रहार: समिति ने पाया कि शहर के प्रमुख मार्गों, विशेषकर रेलवे स्टेशन और उसके आसपास के क्षेत्रों में अवैध पार्किंग ट्रैफिक जाम का सबसे बड़ा कारण है। कोर्ट के आदेश के बाद अब इन क्षेत्रों में टोइंग वाहनों (क्रेन) की संख्या बढ़ाई गई है और नो-पार्किंग जोन में खड़े वाहनों को तत्काल हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
पुलिस बल और इंफोर्समेंट में वृद्धि: डीसीपी यातायात आनंद कलादगी ने बताया कि कोर्ट की मंशा के अनुरूप अब प्रमुख चौराहों पर पुलिस बल की मौजूदगी को दोगुना किया जा रहा है। विशेष रूप से सुबह और शाम के ‘पीक ऑवर्स’ (व्यस्त समय) के दौरान ट्रैफिक पुलिस के साथ-साथ ट्रैफिक वार्डन और ट्रैफिक प्रहरियों की विशेष तैनाती की जाएगी ताकि नागरिकों को सुगम आवाजाही मिल सके।
समन्वय से होगा सुधार: हालांकि बीआरटीएस को हटाने का मुख्य तकनीकी कार्य कलेक्टर और नगर निगम प्रशासन के अधीन है, लेकिन यातायात पुलिस का पूरा ध्यान वर्तमान चुनौतियों से निपटने और नियमों का कड़ाई से पालन कराने (इंफोर्समेंट) पर है। समिति ने यह भी संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में कुछ प्रमुख मार्गों के ट्रैफिक डायवर्जन और सिग्नल टाइमिंग में भी बदलाव किए जा सकते हैं।











