जेएनयू फिर बना अखाड़ा : एबीवीपी और वामपंथी छात्रों में हिंसक झड़प, 29 छात्र हिरासत में….

Parivesh
जेएनयू फिर बना अखाड़ा

नई दिल्ली: जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) फिर विवाद और हिंसा के घेरे में आ गई है। 15 अक्टूबर को जेएनयू के स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज में हुई जनरल बॉडी मीटिंग के दौरान लेफ्ट और एबीवीपी छात्रों के बीच झड़प हुई, जिसमें कई छात्र घायल हुए, जिनमें महिला छात्राएं भी शामिल हैं। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान छात्रों से झड़प की, 70-80 छात्रों ने बैरिकेड्स तोड़े और नेल्सन मंडेला मार्ग पर यातायात बाधित हुआ। इस घटना के बाद छात्र संघ अध्यक्ष नीतीश कुमार समेत 29 छात्रों को हिरासत में लिया गया। झड़प में छह पुलिसकर्मी भी घायल हुए।

READ MORE : CM Yadav Schedule Today : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का छोटी दीपावली पर मैराथन दौरा…

छात्र संगठनों का आरोप:
एसएफआई और AISA का कहना है कि ABVP के सदस्यों ने मीटिंग को हिंसक बनाया। वहीं ABVP का आरोप है कि वामपंथी काउंसलर की आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद झगड़ा शुरू हुआ। काउंसलर ने कथित रूप से उत्तर प्रदेश और बिहार के छात्रों को लेकर अपमानजनक बातें कही थीं।

घटना का क्रम:
शनिवार शाम 70-80 छात्र जेएनयू के पश्चिमी द्वार पर जमा हुए। पुलिस ने नेल्सन मंडेला मार्ग की ओर बैरिकेड लगाकर रोकने की कोशिश की, लेकिन छात्रों ने बैरिकेड्स तोड़ दिए और पुलिसकर्मियों से हाथापाई की। इसके बाद 29 छात्रों को हिरासत में लिया गया।

जेएनयूएसयू अध्यक्ष का बयान:
छात्र संघ अध्यक्ष नितीश कुमार ने कहा कि एबीवीपी के गुंडों ने उन्हें और अन्य नेताओं को पीटा, उनके कपड़े फाड़े और जातिवादी गालियां दीं। उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन FIR नहीं हुई। इसके बाद वे एफआईआर दर्ज कराने के लिए वसंत कुंज थाने मार्च कर रहे थे, तब पुलिस ने उन्हें रोका।

READ MORE : आज की महाकाल श्रृंगार आरती लाइव, देखें बाबा का अद्भुत रूप….

एबीवीपी का आरोप:
एबीवीपी ने वामपंथी गुट पर हमला करते हुए कहा कि एक काउंसलर ने बैठक में कहा कि उत्तर प्रदेश और बिहार के छात्र और एबीवीपी से जुड़े लोग जेएनयू में आने योग्य नहीं हैं। इस टिप्पणी ने बैठक का माहौल तनावपूर्ण बना दिया।

पिछली घटनाओं का सिलसिला:
यह टकराव दशहरा के दौरान हुई घटनाओं से शुरू हुआ था, जब वामपंथी और दक्षिणपंथी छात्र समूहों के बीच परिसर में झड़प हुई थी। “जय भीम, लाल सलाम” समूह ने मार्च का नेतृत्व किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।

Share The News
Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *