भोपाल : राजधानी भोपाल से एक बेहद संवेदनशील और भावनाओं को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। शहीद-ए-आजम भगत सिंह जी की सबसे पुरानी प्रतिमा करोंद चौराहे पर क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया। यह घटना उस समय हुई जब करोंद से सुभाष नगर तक मेट्रो प्रोजेक्ट पर काम कर रही कंपनी की एक क्रेन चौराहे से गुजर रही थी।
क्रेन की बयार में फंसकर टूटी प्रतिमा
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मेट्रो कंपनी की भारी-भरकम क्रेन जब करोंद चौराहे को पार कर रही थी, तभी उसका ऊपरी हिस्सा प्रतिमा के पास लगी संरचना की बयार (सपोर्ट फ्रेम) में फंस गया। अचानक झटके के कारण शहीद भगत सिंह जी की प्रतिमा टूट गई। हादसा होते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई और लोग बड़ी संख्या में चौराहे पर जमा हो गए।
घटना के बाद मौके पर पहुंचा पुलिस बल
प्रतिमा टूटने की सूचना मिलते ही करोंद चौराहे पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। पुलिस ने तत्काल स्थिति को नियंत्रण में लिया और यातायात को डायवर्ट किया गया, ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति न बने। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
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लापरवाही का आरोप, जांच की मांग
स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने मेट्रो कंपनी पर घोर लापरवाही का आरोप लगाया है। लोगों का कहना है कि इतनी ऐतिहासिक और भावनात्मक महत्व वाली प्रतिमा के पास से भारी मशीनरी को ले जाते समय पर्याप्त सावधानी नहीं बरती गई। कई संगठनों ने दोषी एजेंसी के खिलाफ सख्त कार्रवाई और प्रतिमा के तत्काल पुनर्निर्माण की मांग की है।
शहीद भगत सिंह की प्रतिमा का ऐतिहासिक महत्व
करोंद चौराहे पर स्थित यह प्रतिमा भोपाल की सबसे पुरानी भगत सिंह प्रतिमाओं में से एक मानी जाती है। यह न केवल एक स्मारक है, बल्कि युवाओं के लिए देशभक्ति और बलिदान की प्रेरणा का प्रतीक भी रही है। ऐसे में प्रतिमा को नुकसान पहुंचना आम लोगों की भावनाओं को आहत कर गया है।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। मेट्रो कंपनी से रिपोर्ट तलब की गई है और प्रतिमा की मरम्मत या नई प्रतिमा स्थापना को लेकर जल्द निर्णय लिया जाएगा।











