MP High Court Bar Association Action : जबलपुर। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट परिसर में पिछले दिनों हुए वकीलों के विवाद ने अब गंभीर मोड़ ले लिया है। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट बार एसोसिएशन ने वरिष्ठ अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर को कारण बताओ नोटिस जारी कर उनकी सदस्यता समाप्त करने की चेतावनी दी है। यही नहीं, बार एसोसिएशन ने उनकी ‘सनद’ (वकालत का लाइसेंस) रद्द करने के लिए स्टेट बार काउंसिल को पत्र लिखने का भी निर्णय लिया है।

संयुक्त बैठक में हुआ फैसला: यह कड़ा निर्णय मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय अधिवक्ता संघ, जिला अधिवक्ता संघ और मध्य प्रदेश हाई कोर्ट बार एसोसिएशन की एक संयुक्त बैठक में लिया गया। बार एसोसिएशन ने रामेश्वर सिंह ठाकुर को अपना पक्ष रखने के लिए 15 दिन की मोहलत दी है।
क्या है पूरा विवाद? विवाद की शुरुआत 13 जनवरी को हाई कोर्ट परिसर में हुई थी, जब ग्वालियर के अधिवक्ता अनिल मिश्रा की मौजूदगी में वकीलों के दो गुट आपस में भिड़ गए थे। आरोप है कि इस घटना के बाद रामेश्वर सिंह ठाकुर ने मीडिया में गलत बयानी की और ऐसे बयान दिए जिससे जातिगत वैमनस्यता फैलने की आशंका बढ़ गई।
एसोसिएशन के गंभीर आरोप: हाई कोर्ट बार एसोसिएशन ने रामेश्वर सिंह ठाकुर के व्यवहार को ‘सीनियर अधिवक्ता की गरिमा के प्रतिकूल’ और ‘गंभीर कदाचरण’ (Gross Misconduct) माना है। एसोसिएशन का कहना है कि एक वरिष्ठ वकील द्वारा मीडिया में सार्वजनिक रूप से दी गई टिप्पणियां वकीलों की एकता और संस्थान की मर्यादा को ठेस पहुँचाने वाली हैं।











