Eklavya School Suicide Attempt : अंबागढ़ चौकी (मोहला-मानपुर)। केंद्र सरकार द्वारा संचालित शासकीय एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय इन दिनों विवादों और छात्राओं के बीच व्याप्त गहरे मानसिक तनाव का केंद्र बन गया है। महज एक हफ्ते के अंतराल में यहाँ दो नाबालिग छात्राओं ने फिनाइल पीकर अपनी जीवनलीला समाप्त करने की कोशिश की है।
घटनाक्रम का विवरण:
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पहली घटना: बीते गुरुवार को एक छात्रा ने फिनाइल पिया। उसे राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज में उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है।
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दूसरी घटना: अभी पहली छात्रा घर लौटी ही थी कि बुधवार को एक और छात्रा ने उसी अंदाज में फिनाइल पीकर आत्मघाती कदम उठा लिया। उसकी हालत गंभीर बनी हुई है और राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज में उसका इलाज जारी है।
प्रशासनिक खानापूर्ति और उठते सवाल: घटना के बाद प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए विद्यालय के प्राचार्य और हॉस्टल वार्डन को हटा दिया है। अपर कलेक्टर ने जांच की पुष्टि तो की है, लेकिन कई सवाल अनुत्तरित हैं:
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क्या केवल तबादला या पद से हटाना काफी है? अपराधिक लापरवाही का मामला क्यों दर्ज नहीं हुआ?
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ऐसी क्या परिस्थितियां या “यातनाएं” हैं जो इन आदिवासी छात्राओं को मौत चुनने पर मजबूर कर रही हैं?
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जिले की कलेक्टर इस संवेदनशील मसले पर चुप्पी क्यों साधे हुए हैं?
आक्रोशित आदिवासी समाज और पालक: इस घटना के बाद आदिवासी समाज में गहरा रोष है। समाज ने कलेक्टर से लिखित अनुमति मांगी है कि वे स्वयं विद्यालय जाकर सामाजिक स्तर पर जांच करना चाहते हैं। वहीं, बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित पालकों ने शुक्रवार को एक अहम बैठक बुलाई है।
व्यवस्था की पोल खुली: अंबागढ़ चौकी के एक ही परिसर में तीन अलग-अलग एकलव्य विद्यालय संचालित हैं। एक के बाद एक हुई इन घटनाओं ने आदिम जाति कल्याण विभाग और जिला प्रशासन की निगरानी व्यवस्था की कलई खोल दी है। जिला पंचायत अध्यक्ष नम्रता सिंह ने अस्पताल पहुँचकर पीड़ित छात्राओं और उनके परिजनों से मुलाकात की है।











