नई दिल्ली : सीमा पार से पाकिस्तान की नापाक हरकतें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। मंगलवार शाम जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में एक बार फिर संदिग्ध पाकिस्तानी ड्रोन देखे गए। यह घटना बीते 48 घंटों में दूसरी बड़ी ड्रोन घुसपैठ की कोशिश मानी जा रही है। भारतीय सेना ने तुरंत सतर्कता दिखाते हुए कार्रवाई की, जिसके बाद ड्रोन पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) की ओर लौट गए।
चिंगुस और धरि धरा इलाके में दिखे ड्रोन
सूत्रों के मुताबिक, मंगलवार शाम करीब 7 बजे राजौरी के चिंगुस क्षेत्र के डुंगा गाला इलाके में एक संदिग्ध ड्रोन ने भारतीय सीमा में प्रवेश किया। सेना ने तत्काल एंटी-ड्रोन सिस्टम सक्रिय किया, जिससे ड्रोन इलाके से गायब हो गया। इसके करीब आधे घंटे बाद धरि धरा गांव के पास दो अन्य ड्रोन जैसी वस्तुएं देखी गईं। जवानों ने कई राउंड फायरिंग की, जिसके बाद ड्रोन घबराकर PoK की ओर वापस चले गए।
48 घंटे में दूसरी बड़ी कोशिश, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट
यह दूसरी बार है जब दो दिनों के भीतर LoC के पास ड्रोन गतिविधि देखी गई है। इससे पहले रविवार को नौशेरा, धरमसाल, रियासी, सांबा और पुंछ के मंकोट सेक्टर में एक साथ कई ड्रोन नजर आए थे। लगातार हो रही इन घटनाओं के चलते सेना और सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं।
क्या है पाकिस्तान की मंशा?
सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि पाकिस्तान ड्रोन के जरिए हथियारों की सप्लाई, नशीले पदार्थों की तस्करी या सैन्य ठिकानों की जासूसी की कोशिश कर रहा है। सूत्रों का कहना है कि ये ड्रोन सीमा पर निगरानी और सर्विलांस के उद्देश्य से उड़ाए जा रहे थे।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ जारी, कठुआ में मुठभेड़
इस बीच सेना प्रमुख ने साफ किया है कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत ड्रोन गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। वहीं, कठुआ जिले के बिलावर इलाके में सुरक्षाबलों और जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों के बीच मुठभेड़ जारी है। इलाके में सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया गया है।











