Al Falah University ED Raid : फरीदाबाद/नई दिल्ली। हरियाणा के फरीदाबाद स्थित अल फलाह यूनिवर्सिटी पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) का शिकंजा पूरी तरह कस गया है। दिल्ली के लाल किला ब्लास्ट और ‘व्हाइट कॉलर’ आतंकी मॉड्यूल से तार जुड़ने के बाद अब ईडी यूनिवर्सिटी की करोड़ों की संपत्ति जब्त (Attach) करने की तैयारी में है। जांच एजेंसी का मानना है कि इस आलीशान कैंपस का निर्माण ‘प्रोसीड्स ऑफ क्राइम’ यानी अपराध की काली कमाई से किया गया है।
415 करोड़ का घोटाला और फर्जी मान्यता
ईडी की जांच में सामने आया है कि अल फलाह ग्रुप के चेयरमैन जव्वाद अहमद सिद्दीकी ने छात्रों और अभिभावकों के साथ करोड़ों की धोखाधड़ी की। यूनिवर्सिटी ने खुद को यूजीसी (UGC) और नैक (NAAC) से मान्यता प्राप्त बताकर छात्रों का दाखिला लिया, जबकि उनके पास वैध मान्यता नहीं थी। इस पूरे खेल में करीब 415.10 करोड़ रुपये की अवैध कमाई का खुलासा हुआ है, जिसे फरीदाबाद के धौज इलाके में यूनिवर्सिटी की इमारतों को खड़ा करने में लगाया गया।
लाल किला ब्लास्ट से खौफनाक लिंक
यूनिवर्सिटी का नाम तब सुर्खियों में आया जब दिल्ली के लाल किला इलाके में हुए कार बम विस्फोट की जांच शुरू हुई। इस धमाके में 15 लोगों की जान गई थी। जांच में पता चला कि इस हमले का मास्टरमाइंड डॉक्टर उमर-उन-नबी अल फलाह मेडिकल कॉलेज से जुड़ा था। 10 नवंबर को हुए इस ब्लास्ट के बाद एक ‘व्हाइट कॉलर’ आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश हुआ, जिसमें 10 से ज्यादा गिरफ्तारियां हुईं।
छात्रों के भविष्य का क्या होगा?
ईडी सूत्रों के अनुसार, संपत्ति जब्त होने के बाद भी छात्रों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होने दी जाएगी।
-
जारी रहेगी पढ़ाई: जब्ती की प्रक्रिया के दौरान भी कक्षाएं बिना रुकावट चलती रहेंगी।
-
सरकारी रिसीवर: जब्ती आदेश अंतिम होने के बाद सरकार द्वारा नियुक्त रिसीवर यूनिवर्सिटी का प्रशासन संभाल सकता है।
चेयरमैन की मुश्किलें बढ़ीं
यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जव्वाद सिद्दीकी को नवंबर में ही गिरफ्तार किया जा चुका है। उन पर जमीन घोटाले और फर्जी दस्तावेजों के जरिए दिल्ली में प्रॉपर्टी खरीदने के भी गंभीर आरोप हैं। ईडी अब ट्रस्ट की सभी चल-अचल संपत्तियों का मूल्यांकन कर उन्हें अस्थायी रूप से कुर्क करने की प्रक्रिया में है।











