Sunday, September 27, 2026
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TMC का देशव्यापी प्रदर्शन, दिल्ली से कोलकाता तक सड़कों पर उतरी पार्टी, ED रेड के खिलाफ ममता का मार्च

नई दिल्ली/कोलकाता: पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के आईटी सेल प्रमुख से जुड़े ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी के खिलाफ सियासी माहौल गरमा गया है। दिल्ली से लेकर कोलकाता तक TMC ने केंद्र सरकार और जांच एजेंसियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने खुद विरोध मार्च निकालते हुए इस कार्रवाई को लोकतंत्र पर हमला करार दिया।

दिल्ली में गृह मंत्रालय के बाहर हंगामा

शुक्रवार सुबह TMC के 8 सांसदों ने दिल्ली में गृह मंत्रालय के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान डेरेक ओ’ब्रायन, महुआ मोइत्रा और कीर्ति आज़ाद समेत कई सांसद नारेबाजी करते नजर आए। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार चुनाव से पहले विपक्ष को डराने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है।

प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस और सांसदों के बीच धक्कामुक्की भी हुई। कुछ सांसद जमीन पर गिर पड़े, जिसके बाद पुलिस ने सुबह करीब 10 बजे उन्हें हिरासत में लिया और दोपहर 12 बजे रिहा किया। महुआ मोइत्रा ने कहा कि यह चुने हुए जनप्रतिनिधियों के सम्मान के खिलाफ है।

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ममता बनर्जी का तीखा हमला

इस घटना के बाद ममता बनर्जी ने X (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा कि सांसदों को घसीटना कानून व्यवस्था नहीं, बल्कि “वर्दी में अहंकार” है। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध लोकतांत्रिक अधिकार है और इसे कुचलना अस्वीकार्य है।

बंगाल में ED और सरकार आमने-सामने

8 जनवरी को पश्चिम बंगाल में ED की कार्रवाई के दौरान खुद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मौके पर पहुंच गईं। ED के सूत्रों का दावा है कि इस दौरान तनावपूर्ण स्थिति बनी और जांच प्रक्रिया में हस्तक्षेप का आरोप भी लगाया गया। एजेंसी का कहना है कि मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल और मुख्यमंत्री की सुरक्षा टीम मौजूद थी।

हाईकोर्ट में भी हंगामा, सुनवाई टली

I-PAC कार्यालय में ED की छापेमारी से जुड़े मामले में एजेंसी ने कलकत्ता हाई कोर्ट का रुख किया। शुक्रवार को सुनवाई के दौरान कोर्ट में भारी हंगामा हुआ, जिसके चलते जस्टिस सुव्रा घोष की बेंच ने सुनवाई 14 जनवरी तक टाल दी। इस घटनाक्रम ने पूरे मामले को और राजनीतिक रंग दे दिया है।

विपक्ष का आरोप: एजेंसियों का दुरुपयोग

बंगाल कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने भी ED की कार्रवाई का विरोध किया है। विपक्ष का आरोप है कि केंद्र सरकार चुनावी फायदे के लिए जांच एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह मामला और तूल पकड़ सकता है और बंगाल की राजनीति में बड़ा सियासी बवंडर खड़ा कर सकता है।

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