चूरू : राजस्थान के चूरू जिले स्थित प्रसिद्ध सलासर बालाजी मंदिर में बुधवार तड़के प्रभात आरती भक्ति और आस्था के वातावरण में संपन्न हुई। सूर्योदय से पहले जैसे ही मंदिर के कपाट खुले, पूरा परिसर “जय श्री बालाजी” और “हनुमान जी की जय” के जयघोष से गूंज उठा।
देशभर से पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं ने भगवान बालाजी के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया और भक्ति में लीन नजर आए। मंदिर परिसर में सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें देखने को मिलीं।
वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हुई आरती
सुबह करीब 6 बजे मंदिर के पुजारियों ने विधि-विधान के साथ प्रभात आरती संपन्न कराई। शंखध्वनि, घंटियों की मधुर ध्वनि और वैदिक मंत्रोच्चार से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।आरती के दौरान श्रद्धालु भगवान बालाजी के जयकारे लगाते हुए भक्ति में डूबे दिखाई दिए। कई भक्त ध्यान और मंत्र-जप करते नजर आए।
अभिषेक और आकर्षक श्रृंगार ने मोहा मन
आरती से पहले भगवान बालाजी का जल, चंदन, पुष्प, तुलसी और नैवेद्य से विशेष अभिषेक किया गया। इसके बाद सादगीपूर्ण लेकिन बेहद आकर्षक श्रृंगार किया गया, जिसने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।भगवान बालाजी के दिव्य स्वरूप के दर्शन कर श्रद्धालुओं ने सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और परिवार की खुशहाली की कामना की।
भजन-कीर्तन से भक्तिमय बना माहौल
मंदिर परिसर में सुबह से भजन-कीर्तन, मंत्र-जप और ध्यान का सिलसिला चलता रहा। श्रद्धालु भक्तिभाव से आरती में शामिल हुए और बालाजी महाराज के दर्शन कर आध्यात्मिक शांति का अनुभव करते नजर आए।मंदिर प्रशासन की ओर से सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के विशेष इंतजाम किए गए थे, जिससे श्रद्धालुओं को दर्शन में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
ऑनलाइन दर्शन से जुड़े हजारों भक्त
जो श्रद्धालु मंदिर नहीं पहुंच सके, उन्होंने मंदिर की आधिकारिक वेबसाइट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए प्रभात आरती का लाइव प्रसारण देखा। डिजिटल माध्यम से भी बड़ी संख्या में भक्त आरती से जुड़े रहे।
देशभर के हनुमान भक्तों की आस्था का केंद्र
सलासर बालाजी धाम देशभर के हनुमान भक्तों के लिए प्रमुख आस्था केंद्र माना जाता है। मान्यता है कि यहां सच्चे मन से मांगी गई हर मनोकामना पूरी होती है। प्रभात आरती ने एक बार फिर सनातन परंपरा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा की अद्भुत झलक प्रस्तुत की।









