Liquor scam case: रायपुर। छत्तीसगढ़ के कथित शराब घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कांग्रेस नेता और प्रदेश कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद उन्हें रायपुर कोर्ट में पेश किया गया, जहां अदालत ने उन्हें 5 दिन की ED रिमांड पर भेज दिया। अब उन्हें 17 अगस्त को दोबारा कोर्ट में पेश किया जाएगा।
Liquor scam case: गिरफ्तारी के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल मंगलवार को दूसरी बार कोर्ट पहुंचे और रामगोपाल अग्रवाल से मुलाकात की। मुलाकात के बाद बघेल ने आरोप लगाया कि एजेंसियों की कार्रवाई केवल परेशान करने के उद्देश्य से की जा रही है। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियों के पास कथित तौर पर कोई ठोस सबूत नहीं हैं और फर्जी गवाहों के आधार पर कार्रवाई की जा रही है।
Liquor scam case: EOW के बाद अब ED करेगी पूछताछ
Liquor scam case: रामगोपाल अग्रवाल को इससे पहले आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने भी गिरफ्तार कर पूछताछ की थी। अब ED शराब घोटाले से जुड़े मामले में उनसे पूछताछ करेगी। जांच एजेंसी के अनुसार, शराब घोटाले के साथ-साथ कोल लेवी और कस्टम मिलिंग से जुड़े कथित पैसों के लेन-देन में भी रामगोपाल अग्रवाल की भूमिका की जांच की जा रही है। इसी सिलसिले में ED ने उनसे पूछताछ के लिए रिमांड मांगी थी।
Liquor scam case: करीब तीन साल तक फरार रहे, 8 जुलाई को किया था सरेंडर
Liquor scam case: रामगोपाल अग्रवाल करीब तीन साल तक फरार बताए जा रहे थे। 8 जुलाई को उन्होंने EOW कार्यालय पहुंचकर सरेंडर किया था। इसके बाद उनका मेडिकल परीक्षण कराया गया और अदालत में पेश किया गया।
Liquor scam case: 9 जुलाई को अदालत ने उन्हें 17 जुलाई तक पुलिस रिमांड पर भेजा था। बाद में रिमांड अवधि पूरी होने के बाद उन्हें 5 अगस्त तक EOW की कस्टडी में रखा गया। अब शराब घोटाला मामले में ED ने उन्हें गिरफ्तार कर अपनी जांच आगे बढ़ाई है।
Liquor scam case: भूपेश बघेल दूसरी बार मिले
रामगोपाल अग्रवाल से पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की यह दूसरी मुलाकात है। इससे पहले 25 जुलाई को भी बघेल समेत कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं ने जेल भेजे जाने से पहले उनसे मुलाकात की थी।
उस दौरान बघेल ने आरोप लगाया था कि कांग्रेस नेताओं को बदनाम करने के लिए जांच एजेंसियों का इस्तेमाल किया जा रहा है। मंगलवार को एक बार फिर कोर्ट पहुंचकर उन्होंने रामगोपाल अग्रवाल से मुलाकात की।
कथित 3400 करोड़ के शराब घोटाले की जांच
छत्तीसगढ़ के कथित शराब घोटाले की जांच ED और अन्य जांच एजेंसियां कर रही हैं। मामले में सरकारी शराब कारोबार में कथित अनियमितता, अवैध वसूली और पैसों के लेन-देन की जांच की जा रही है।
ED की जांच के आधार पर ACB में भी FIR दर्ज की गई है। जांच एजेंसी ने सरकारी शराब कारोबार में कथित तौर पर बड़े पैमाने पर अवैध वसूली और वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाया है।
Liquor scam case: डुप्लीकेट होलोग्राम से शराब बिक्री का आरोप
जांच एजेंसियों के मुताबिक, वर्ष 2019 से 2022 के बीच सरकारी शराब दुकानों के जरिए कथित तौर पर डुप्लीकेट होलोग्राम वाली शराब बेचे जाने का मामला सामने आया था। आरोप है कि इस प्रक्रिया से सरकारी राजस्व को बड़ा नुकसान हुआ।
Liquor scam case: ED ने अपनी जांच में तत्कालीन आबकारी विभाग के अधिकारियों और कारोबारियों के बीच कथित नेटवर्क की भी जांच की है। मामले में एजेंसी पहले ही कई लोगों से पूछताछ और कार्रवाई कर चुकी है। रामगोपाल अग्रवाल की गिरफ्तारी के बाद जांच का दायरा और बढ़ने की संभावना है। हालांकि, मामले में लगाए गए आरोप जांच एजेंसियों के दावों पर आधारित हैं। इन आरोपों पर अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।

