निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : पश्चिम बंगाल में अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले सियासी पारा चरम पर पहुंच गया है। कोयला घोटाले से जुड़े एक मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कोलकाता में पॉलिटिकल कंसलटेंसी फर्म I-PAC के प्रमुख प्रतीक जैन के आवास और कार्यालय पर छापा मारा। कार्रवाई के दौरान हालात तब और तनावपूर्ण हो गए, जब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी स्वयं प्रतीक जैन के घर पहुंच गईं।
ED की कार्रवाई के बीच सीएम की एंट्री
ED की टीम जब सर्च ऑपरेशन चला रही थी, उसी दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अपने काफिले के साथ मौके पर पहुंचीं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वह गाड़ी से उतरते ही सीधे अंदर जाने लगीं, जबकि जांच एजेंसी के अधिकारी उन्हें रोकने की कोशिश करते रहे। इस दौरान ममता बनर्जी के हाथ में हरे रंग की फाइलें दिखाई दीं, जिन्हें बाद में उनके काफिले की गाड़ी में रखे जाने की तस्वीरें सामने आईं।
हरे फाइलों पर उठे सवाल
इस घटनाक्रम के बाद सबसे बड़ा सवाल यही खड़ा हुआ कि आखिर उन हरे रंग की फाइलों में ऐसा क्या था, जिसे मुख्यमंत्री स्वयं अपने साथ ले जाने पर मजबूर हो गईं। विपक्ष ने इसे जांच में हस्तक्षेप करार दिया, जबकि तृणमूल कांग्रेस ने इसे पार्टी के दस्तावेजों की सुरक्षा बताया।
#WATCH | Kolkata | West Bengal CM Mamata Banerjee at the office of the Indian Political Action Committee where the teams of Enforcement Directorate are conducting raids. pic.twitter.com/kf5vlTRKC8
— ANI (@ANI) January 8, 2026
ममता बनर्जी का आरोप—TMC के डॉक्यूमेंट्स जब्त किए जा रहे थे
बाहर निकलने के बाद ममता बनर्जी ने मीडिया से कहा कि ED उनकी पार्टी से जुड़े अहम दस्तावेज, हार्ड डिस्क और फोन जब्त कर रही थी। उन्होंने आरोप लगाया कि यह पूरी कार्रवाई TMC की रणनीति को कमजोर करने और चुनावी तैयारियों को नुकसान पहुंचाने के लिए की जा रही है। ममता ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर भी तीखा हमला बोलते हुए उन्हें “शरारती गृह मंत्री” बताया।
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SIR और मतदाता सूची को लेकर भी हमला
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि एक तरफ SIR प्रक्रिया के जरिए बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर केंद्रीय एजेंसियों के जरिए पार्टी की योजनाओं को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वह पार्टी के दस्तावेज सुरक्षित रखने के लिए खुद मौके पर पहुंचीं।
भाजपा का पलटवार—जांच में बाधा डालने का आरोप
Kolkata, West Bengal: On Enforcement Directorate (ED) officials conducting a raid at the IPAC office in Salt Lake, Leader of the Opposition in the State Assembly, Suvendu Adhikari, says, “I will not comment on the raid. The ED can provide the details. Mamata Banerjee is… pic.twitter.com/lS7kmWyZey
— IANS (@ians_india) January 8, 2026
इस पूरे मामले पर भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने केंद्रीय एजेंसी के काम में दखल दिया है, जो कानून के खिलाफ है। भाजपा ने सवाल उठाया कि I-PAC जैसे कंसलटेंसी ऑफिस में वोटर लिस्ट और राजनीतिक दस्तावेज क्यों मौजूद थे और क्या यह जांच को प्रभावित करने की कोशिश नहीं है।











