भोपाल: मध्य प्रदेश में कड़ाके की ठंड का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में जारी बर्फबारी का असर अब मध्य प्रदेश में भी साफ नजर आ रहा है। पहाड़ों से आ रही सर्द हवाओं ने पूरे प्रदेश में ठिठुरन बढ़ा दी है। एक ओर शीतलहर लोगों को परेशान कर रही है, तो दूसरी ओर कोहरे ने जनजीवन को प्रभावित कर रखा है।
वेस्टर्न डिस्टर्बेंस से बदला मौसम
मौसम विभाग के अनुसार पंजाब के ऊपर वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय है, जबकि हरियाणा क्षेत्र में साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है। इसी सिस्टम का असर मध्य प्रदेश के मौसम पर भी पड़ रहा है। राजधानी भोपाल में बादल छाए रहने के कारण दिन के तापमान में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
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ग्वालियर-चंबल संभाग में बारिश की चेतावनी
भारतीय मौसम विभाग ने ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना और श्योपुर जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना जताई है। इससे इन क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान में गिरावट आने की उम्मीद है, जिससे ठंड और बढ़ सकती है।
कोहरे ने बढ़ाई परेशानी
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क रहा, लेकिन कई जिलों में घना कोहरा देखने को मिला। ग्वालियर, दतिया, खजुराहो, छतरपुर, सतना, रीवा, सीधी, भोपाल और इंदौर में सुबह के समय दृश्यता काफी कम रही।
पचमढ़ी सबसे ठंडा
प्रदेश में पचमढ़ी सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां न्यूनतम तापमान 5.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शहडोल के कल्याणपुर में 6.3 डिग्री, खजुराहो और शिवपुरी में 7 डिग्री, अमरकंटक में 7.3 डिग्री और राजगढ़ व रीवा में 7.6 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।
फिलहाल मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए कोई बड़ा अलर्ट जारी नहीं किया है, लेकिन ठंड से राहत मिलने के आसार कम ही हैं।









