बुरहानपुर: उज्जैन के बाद अब बुरहानपुर जिले में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (PMGSY) के तहत बन रही सड़क की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। खंडवा लोकसभा क्षेत्र के बीजेपी सांसद ज्ञानेश्वर पाटील के गृह ग्राम बोहरडा में बन रहे ढाई किलोमीटर लंबे पहुंच मार्ग को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। करीब 18 लाख रुपये की लागत से बन रही डामर सड़क में घटिया सामग्री के उपयोग का आरोप लगाया गया है।
ग्रामीणों ने उठाई गुणवत्ता पर आपत्ति
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण में मानकों की अनदेखी की जा रही है। डामर की परत कमजोर है और रोलिंग भी सही तरीके से नहीं की जा रही, जिससे सड़क जल्द खराब होने की आशंका है। इसी को लेकर ग्रामीणों ने निर्माण एजेंसी और विभागीय अधिकारियों के खिलाफ विरोध जताया।
सांसद के पुत्र मौके पर पहुंचे, अफसरों को बुलवाया
ग्रामीणों की शिकायत पर सांसद ज्ञानेश्वर पाटील की अनुपस्थिति में उनके पुत्र नरेंद्र पाटील और जय पाटील मौके पर पहुंचे और अधिकारियों को现场 बुलवाया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सड़क का निर्माण गुणवत्तापूर्ण और तय मानकों के अनुसार होना चाहिए तथा ग्रामीणों की शिकायतों का तत्काल समाधान किया जाए।
ट्रैफिक बंद न करना भी बना विवाद
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि सड़क निर्माण के दौरान मार्ग पर आवाजाही पूरी तरह बंद नहीं की गई, जबकि नियमों के अनुसार ऐसा किया जाना चाहिए। उनका कहना है कि भविष्य में सड़क खराब होने पर इसका दोष वाहनों की आवाजाही पर मढ़ा जा सकता है।
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विभाग ने मानी खामी, सुधार का आश्वासन
PMGSY के अधिकारियों ने स्वीकार किया कि सड़क के लगभग 10 प्रतिशत हिस्से में निर्माण गुणवत्ता में कमी पाई गई है। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि खराब हिस्से को दोबारा बनवाया जाएगा और पूरी सड़क को निर्धारित मानकों के अनुसार गुणवत्तापूर्ण तैयार किया जाएगा।











