रायपुर: दंतेवाड़ा में पदस्थ डीएसपी कल्पना वर्मा और रायपुर के कारोबारी दीपक टंडन का मामला अब किसी टीवी सीरियल की पटकथा जैसा बनता जा रहा है। दोस्ती, प्यार, महंगे गिफ्ट, करोड़ों का लेन-देन और अब जांच—यह पूरी कहानी सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक चर्चा का विषय बनी हुई है।
2021 में शुरू हुई मुलाकात, 2025 में बना विवाद
कारोबारी दीपक टंडन का दावा है कि साल 2021 में उनकी मुलाकात डीएसपी कल्पना वर्मा से हुई थी। बातचीत बढ़ी, दोस्ती हुई और फिर रिश्ते गहरे हो गए। दीपक के अनुसार, इसी दौरान डीएसपी की ओर से लगातार आर्थिक मदद की मांग की जाती रही, जिसमें नकद रकम से लेकर कीमती गहने और लग्ज़री गाड़ी तक शामिल हैं।
हीरे की अंगूठी से होटल तक का सफर
दीपक टंडन का आरोप है कि उन्होंने 12 लाख की हीरे की अंगूठी, 5 लाख के सोने के जेवर, एक लाख का ब्रेसलेट और इनोवा क्रिस्टा कार डीएसपी को दी। मामला यहीं नहीं रुका—आरोप है कि रायपुर की VIP रोड स्थित एक होटल भी डीएसपी के भाई के नाम पर ट्रांसफर कराया गया, जिस पर बाद में लाखों रुपये खर्च किए गए।
व्हाट्सएप चैट्स बनीं कहानी का क्लाइमैक्स
इस कथित ‘लव स्टोरी’ में सबसे बड़ा ट्विस्ट तब आया जब डीएसपी से जुड़ी व्हाट्सएप चैट्स सामने आईं। इन चैट्स ने पूरे मामले को सार्वजनिक कर दिया और कहानी अब व्यक्तिगत दायरे से निकलकर जांच के घेरे में आ गई।
कौन हैं DSP कल्पना वर्मा?
DSP कल्पना वर्मा छत्तीसगढ़ राज्य पुलिस सेवा (State Police Service) की 2016–17 बैच की अधिकारी हैं। उन्होंने CGPSC की कठिन परीक्षा पास कर पुलिस सेवा जॉइन की थी।अपने करियर में वे रायपुर में CSP रह चुकी हैं और ATS (Anti Terrorist Squad) जैसी संवेदनशील यूनिट में भी सेवाएं दे चुकी हैं। फिलहाल वे नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा जिले में DSP के पद पर तैनात हैं।
पहले भी विवादों में रही हैं DSP कल्पना
यह पहला मौका नहीं है जब DSP कल्पना वर्मा सुर्खियों में आई हों। कांग्रेस शासनकाल के दौरान एक तस्वीर वायरल हुई थी, जिसमें वे ज्ञापन देने पहुंचे वर्तमान गृहमंत्री विजय शर्मा और बीजेपी नेताओं के सामने मोबाइल में व्यस्त नजर आई थीं। उस वक्त भी उनके कार्यशैली को लेकर सवाल उठे थे, हालांकि कोई औपचारिक कार्रवाई नहीं हुई।
कौन है कारोबारी दीपक टंडन?
दीपक टंडन मूल रूप से कोरबा जिले के निवासी हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत फोटो फ्रेमिंग की एक छोटी दुकान से की थी, जो आज भी कोरबा में उनके भाई संचालित करते हैं। दीपक सतनामी समाज से जुड़े रहे हैं और एक समय समाज के कोषाध्यक्ष भी थे। 2011 में उनकी पहली शादी हुई, जो विवादों के बाद टूट गई। इसके बाद वे रायपुर आ गए और होटल व्यवसाय में उतरकर बड़े कारोबारी बन गए। रायपुर में उन्होंने दूसरी शादी की और उनके दो बच्चे हैं।
जांच शुरू, लेकिन सवाल बरकरार
मामले की जांच छत्तीसगढ़ पुलिस कर रही है, हालांकि जांच से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी के तबादले ने भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल डीएसपी कल्पना वर्मा और कारोबारी दीपक टंडन—दोनों के नाम सुर्खियों में हैं, लेकिन सच क्या है, यह जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।











