ढाका : बांग्लादेश में तख्तापलट के बाद बनी मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार अब गंभीर राजनीतिक संकट का सामना कर रही है। जिस इंकलाब मंच ने छात्र आंदोलनों के जरिए यूनुस को सत्ता तक पहुँचाया था, अब वही संगठन उनके खिलाफ खड़ा हो गया है।
इंकलाब मंच का अल्टीमेटम और विरोध प्रदर्शन
शरीफ उस्मान हादी की हत्या के आरोपियों को पकड़ने के लिए दिया गया 24 घंटे का अल्टीमेटम खत्म होने के बाद इंकलाब मंच का गुस्सा फूट पड़ा। संगठन के पदाधिकारी अब्दुल्ला अल जाबर ने आरोप लगाया कि गृह मंत्रालय और पुलिस प्रशासन आरोपियों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। ढाका की सड़कों पर सोमवार दोपहर से प्रदर्शनकारियों का जमावड़ा शुरू हो गया है।
एक और छात्र नेता पर खूनी हमला
हादी की मौत के शोक के बाद ही खुलना शहर में अज्ञात बंदूकधारियों ने मोतालेब सिकदर के सिर में गोली मार दी। सिकदर ‘नेशनल सिटिजन पार्टी’ (NCP) के खुलना डिवीजन प्रमुख हैं और 2024 आंदोलन के बड़े चेहरा रहे हैं। उन्हें गंभीर हालत में खुलना मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
यूनुस सरकार पर बढ़ता दबाव
अंतरिम सरकार ने हादी की मौत पर राष्ट्रीय शोक घोषित किया, लेकिन प्रदर्शनकारी इसे केवल दिखावा मान रहे हैं। इंकलाब मंच का आरोप है कि प्रशासन इन हत्याओं को गंभीरता से नहीं ले रहा। 12 फरवरी को होने वाले आम चुनाव से पहले इन हमलों ने लोकतंत्र की बहाली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
विशेषज्ञों की चेतावनी
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यूनुस सरकार प्रदर्शनकारियों और इंकलाब मंच को संतुष्ट करने में विफल रही, तो बांग्लादेश एक बार फिर बड़े राजनीतिक बदलाव का गवाह बन सकता है। छात्र संगठनों का कहना है कि जिस सिस्टम को बदलने के लिए उन्होंने शेख हसीना को हटाया था, वही सिस्टम अब उनके साथियों की जान ले रहा है।













