Mudlay Panchayat : शाजापुर। (किशोर नाथ राजगुरु) शाजापुर जिले की ग्राम पंचायत मुड़लाय में विकास कार्यों की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पंचायत में हो रहे 8 लाख रुपये के नाली निर्माण कार्य में भ्रष्टाचार और भारी अनियमितताओं के आरोप लगे हैं। जनपद पंचायत सदस्य प्रतिनिधि और स्थानीय ग्रामीणों ने संयुक्त रूप से सरपंच, सचिव और उपयंत्री (इंजीनियर) पर मिलीभगत कर घटिया निर्माण कार्य कराने और सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि जिस नाली को भूमिगत (अंडरग्राउंड) बनाया जाना था, उसे भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ाकर खुला छोड़ दिया गया है, जो आने वाले समय में बड़ी मुसीबत बन सकता है।
Mudlay Panchayat : ग्रामीणों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि पंचायत में केवल निर्माण कार्य ही नहीं, बल्कि मूलभूत सुविधाएं भी बेहाल हैं। केंद्र और राज्य सरकार के महत्वाकांक्षी स्वच्छता अभियान का ग्राम पंचायत में कोई नामोनिशान नहीं दिख रहा है, नालियां गंदगी से भरी हैं और साफ-सफाई पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। साथ ही, ग्रामीणों ने सचिव शंकर लाल यादव पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वे नियमित रूप से पंचायत कार्यालय नहीं आते, जिसके कारण आम जनता के जरूरी कार्य रुके हुए हैं और विकास की गति धीमी हो गई है।
Mudlay Panchayat : मामले की गंभीरता को देखते हुए जनपद पंचायत सीईओ अमृतराज सिसोदिया ने मौके का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान खामियां पाए जाने पर सीईओ ने सरपंच रमेश चंद मालवीय और सचिव को जमकर फटकार लगाई। उन्होंने दो टूक शब्दों में निर्देश दिए कि नाली निर्माण के कार्य में तत्काल सुधार किया जाए। सीईओ सिसोदिया ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि निर्धारित समय सीमा में निर्माण कार्य मानक के अनुरूप पूरा नहीं होता है, तो संबंधित दोषियों के खिलाफ राशि वसूली (RR) के आदेश जारी किए जाएंगे।
Mudlay Panchayat : दूसरी ओर, आरोपों पर सफाई देते हुए सरपंच रमेश चंद मालवीय ने कहा कि पंचायत द्वारा 150 मीटर नाली का निर्माण कराया जाना है, जिसमें से केवल 150 फीट का कार्य अधूरा है। सरपंच का दावा है कि कुछ ग्रामीणों द्वारा आगे नाली बनाने में अवरोध पैदा किया जा रहा है, जिसके कारण कार्य पूरा नहीं हो पा रहा है। उन्होंने सफाई के मुद्दे पर कहा कि गांव की नियमित सफाई हो रही है और जहाँ कचरा जमा है, उसे जल्द ही हटवा दिया जाएगा।
Mudlay Panchayat : फिलहाल, ग्रामीणों में इस अधूरे और घटिया निर्माण को लेकर गहरा असंतोष व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि वे इस भ्रष्टाचार को कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे और न्याय मिलने तक अपनी आवाज बुलंद करते रहेंगे। अब देखना यह होगा कि प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद मुड़लाय पंचायत के विकास कार्यों में कितना सुधार आता है।











