High-profile event : नई दिल्ली। एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार के 85वें जन्मदिन पर दिल्ली में आयोजित डिनर पार्टी ने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है। इस हाई-प्रोफाइल आयोजन की सबसे बड़ी चर्चा का विषय यह रहा कि कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी और प्रमुख उद्योगपति गौतम अडानी पहली बार एक ही कमरे में आमने-सामने मौजूद थे। हालांकि, राजनीतिक रूप से संवेदनशील इस पल की कोई तस्वीर अब तक सार्वजनिक नहीं हुई है, जिसे इस मुलाकात का सबसे महत्वपूर्ण राजनीतिक संदेश माना जा रहा है।
High-profile event : शरद पवार की बेटी और एनसीपी सांसद सुप्रिया सुले द्वारा आयोजित इस डिनर पार्टी में सत्ता और विपक्ष दोनों खेमों के बड़े नेता, केंद्रीय मंत्री, सांसद और प्रमुख उद्योगपति शामिल हुए। वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई ने इस मुलाकात की पुष्टि करते हुए बताया कि राहुल गांधी और गौतम अडानी आमने-सामने आए, लेकिन वहाँ मौजूद किसी भी व्यक्ति ने इस क्षण की तस्वीर नहीं ली। पत्रकार आदेश रावल के अनुसार, कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने तुरंत स्थिति को भांपते हुए हस्तक्षेप किया, ताकि आसपास मौजूद कोई व्यक्ति तस्वीर ना ले सके और पार्टी की राजनीतिक लाइन प्रभावित न हो।
High-profile event : गौरतलब है कि राहुल गांधी पिछले कुछ वर्षों से अडानी ग्रुप के ख़िलाफ़ लगातार आक्रामक रहे हैं और उन्होंने केंद्र सरकार पर उद्योगपति को बचाने का आरोप लगाया है। ऐसे में दोनों का एक ही कमरे में आना, और संभवतः औपचारिक हाथ मिलाना या ‘नमस्ते’ करना, राजनीतिक विश्लेषकों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। कुछ पत्रकारों का मानना है कि पिछले कुछ दिनों से गौतम अडानी को लेकर कांग्रेस के रुख में नरमी आई है, जो इस घटनाक्रम से भी परिलक्षित होती है।
High-profile event : इस पार्टी में कांग्रेस शासित तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की उपस्थिति भी महत्वपूर्ण रही। तेलंगाना में हाल ही में अडानी ग्रुप ने 2500 करोड़ रुपये के निवेश का ऐलान किया है, जबकि पहले राजनीतिक विवाद के चलते राज्य सरकार ने अडानी ग्रुप से 100 करोड़ रुपये का फंड लेने से इनकार कर दिया था। रेवंत रेड्डी का शामिल होना और तेलंगाना में अडानी का नया निवेश इस बात की ओर इशारा कर रहा है कि कांग्रेस के कुछ समीकरण बदल रहे हैं या राज्य की राजनीति में निवेश को लेकर pragmatism (व्यावहारिकता) बढ़ रही है।
High-profile event : शरद पवार का गौतम अडानी से पुराना रिश्ता रहा है। पत्रकार राजदीप सरदेसाई के अनुसार, पवार उन नेताओं में से हैं जिन्होंने सार्वजनिक रूप से कभी इस बात से इनकार नहीं किया कि उनके अडानी से अच्छे संबंध हैं। पार्टी में भाजपा सांसद निशिकांत दुबे, केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू, अनुराग ठाकुर, जयंत पांडा, और एनसीपी से बागी हुए उप-मुख्यमंत्री अजित पवार भी मौजूद थे, जिससे पूरा सियासी स्पेक्ट्रम एक छत के नीचे आ गया था।
High-profile event : यह मुलाकात भारतीय राजनीति की एक दुर्लभ तस्वीर पेश करती है, जहां नेता आमतौर पर उद्योगपतियों से पर्दे के पीछे मिलते हैं। राहुल गांधी और गौतम अडानी का आमना-सामना होना, चाहे वह औपचारिक अभिवादन तक ही सीमित रहा हो, अडानी ग्रुप पर कांग्रेस के भविष्य के रुख के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत हो सकता है।











