Chaitanya Baghel Bail Case : अटकी चैतन्य बघेल की जमानत! हाईकोर्ट ने फैसला रखा सुरक्षित

Rahul Goshwami
चैतन्य बघेल की जमानत टल गई

बिलासपुर: छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में जेल में बंद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की जमानत याचिका पर गुरुवार को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। जस्टिस अरविंद कुमार वर्मा की सिंगल बेंच ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया।

बचाव पक्ष का दावा—चैतन्य की भूमिका साबित नहीं

चैतन्य बघेल के वकीलों ने कोर्ट में कहा कि—

  • इस मामले में ट्रायल में अनिश्चित देरी होने की संभावना है।
  • उनके खिलाफ दर्ज शिकायत कमजोर और अधूरी है।
  • 4 अक्टूबर 2023 के एक बयान के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई।
  • 2 करोड़ रुपये के कथित ट्रांजेक्शन को शराब घोटाले से जोड़ने के पर्याप्त सबूत नहीं हैं।

बचाव पक्ष ने कहा कि चैतन्य को सिर्फ राजनीतिक कारणों से टारगेट किया गया, इसलिए उन्हें नियमित जमानत मिलनी चाहिए।

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कोर्ट का निर्देश—दोनों पक्ष लिखित सबमिशन दें
सुनवाई के अंत में कोर्ट ने याचिकाकर्ता और ईडी दोनों से लिखित सबमिशन (Written Submission) मांगा है। रिपोर्ट जमा होने के बाद कोर्ट किसी भी दिन आदेश सुना सकता है।

जन्मदिन पर हुई गिरफ्तारी, ईडी की कार्रवाई पर सवाल
चैतन्य बघेल को ईडी ने 18 जुलाई 2024 को उनके जन्मदिन के दिन भिलाई निवास से गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी PMLA 2002 के तहत हुई।ईडी ने अपनी जांच ACB/EOW रायपुर की FIR पर आधारित रखी थी, जिसमें शराब सिंडिकेट द्वारा बड़े स्तर पर अवैध कमाई किए जाने का आरोप था।

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ईडी का दावा—16.70 करोड़ रुपये मिले, रियल्टी कंपनियों में लगाए

इस मामले पर आज ईडी ने कोर्ट में कहा कि—

  • चैतन्य बघेल को शराब घोटाले से 16.70 करोड़ रुपये नकद मिले
  • इस रकम को उनकी रियल एस्टेट फर्मों के जरिए निवेश किया गया
  • नकद भुगतान, बैंक एंट्री और फर्जी खरीद के माध्यम से राशि को वैध दिखाया गया
  • कारोबारी त्रिलोक सिंह ढिल्लों और उनके कर्मचारियों के नाम का उपयोग किया गया
  • बैंकिंग ट्रेल से सिद्ध होता है कि ढिल्लों को सिंडिकेट से पैसा मिला

ईडी ने कहा कि यह पूरा नेटवर्क राज्य को 2,500 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान पहुंचाने के लिए जिम्मेदार है।

घोटाले से जुड़े कई बड़े चेहरे पहले से जेल में

अब तक इस मामले में ईडी ने कई बड़े नाम गिरफ्तार कर चुकी है—

  • अनिल टुटेजा (पूर्व IAS)
  • अरविंद सिंह (पूर्व IAS)
  • त्रिलोक सिंह ढिल्लों (बिजनेसमैन)
  • अनवर ढेबर
  • ITS अरुण पति त्रिपाठी
  • पूर्व मंत्री व विधायक कवासी लखमा

फिहाल यह मामला लगातार राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में सुर्खियों में बना हुआ है।

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