PF salary limit hike : नई दिल्ली। देशभर के करोड़ों नौकरीपेशा कर्मचारियों को कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) की वेतन सीमा 15,000 रुपये से बढ़ाकर 30,000 रुपये किए जाने की लंबे समय से उम्मीद है। संसद के शीतकालीन सत्र की शुरुआत में ही यह मुद्दा प्रमुखता से उठा, जब सांसदों ने सरकार से इस पर स्पष्टीकरण मांगा।
सांसदों के सवाल पर श्रम मंत्री का जवाब
सांसद बेनी बेहनन और डीन कुरियाकोस ने केंद्र सरकार से सीधा सवाल किया कि क्या सरकार ईपीएफ की वेतन सीमा 15,000 रुपये से बढ़ाकर 30,000 रुपये करने की तैयारी कर रही है?
इसके जवाब में, केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया ने सदन को सूचित किया कि सरकार इस विषय पर सीधे ‘हाँ’ या ‘ना’ नहीं कह रही है, बल्कि इसे एक लंबी चर्चा और विचार-विमर्श का विषय बता रही है।
PF salary limit hike : हितधारकों के साथ चर्चा के बाद ही होगा फैसला
केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा कि वेतन सीमा में किसी भी तरह का बदलाव करने से पहले व्यापक स्तर पर विचार-विमर्श की जरूरत होती है। ईपीएफओ के तहत कवरेज के लिए वेतन सीमा बढ़ाने का फैसला सभी हितधारकों के साथ लंबी चर्चा के बाद ही लिया जाता है।
इन हितधारकों में कर्मचारी यूनियन (Employees’ Union) और उद्योग संघ (Industry Association) दोनों शामिल होते हैं।![]()
PF salary limit hike : दो बड़े आर्थिक पहलू
सरकार का कहना है कि ईपीएफ वेतन सीमा बढ़ाने का फैसला सीधे तौर पर नहीं लिया जा सकता, क्योंकि इसके दो बड़े आर्थिक पहलू हैं, जो कर्मचारियों और नियोक्ताओं दोनों को प्रभावित करेंगे:
कर्मचारियों की ‘टेक-होम सैलरी’ पर असर: यदि सीमा बढ़ाई गई, तो कर्मचारियों की हाथ में आने वाली (Take-home) सैलरी कम हो सकती है, क्योंकि PF में ज्यादा कटौती होगी।
नियोक्ताओं पर लागत: वेतन सीमा बढ़ने से नियोक्ताओं (Employers) पर कर्मचारियों को काम पर रखने की लागत भी बढ़ जाएगी।
फिलहाल, सरकार ने वेतन सीमा बढ़ाने पर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया है, और यह फैसला हितधारकों के साथ लंबी चर्चा के बाद ही लिया जाएगा।











