Delhi Building Collapse: साकेत में आधी रात ढही 6 मंजिला बिल्डिंग, 80 से अधिक के दबे होने की आशंका

Rahul Goshwami

Delhi Building Collapse: दिल्ली इमारत हादसा राजधानी से सामने आई एक बड़ी और चिंताजनक घटना बन गया है। दक्षिणी दिल्ली के साकेत इलाके में शनिवार देर रात एक छह मंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। दिल्ली इमारत हादसा होते ही पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग घरों से बाहर निकल आए। हादसे के बाद राहत एवं बचाव एजेंसियों को तुरंत मौके पर बुलाया गया।

दिल्ली इमारत हादसा के बाद एनडीआरएफ, दमकल विभाग, पुलिस और अन्य बचाव एजेंसियों ने संयुक्त अभियान शुरू किया। अधिकारियों के अनुसार अब तक 15 लोगों को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है। इनमें 11 पुरुष और 4 महिलाएं शामिल हैं। सभी घायलों को इलाज के लिए मैक्स अस्पताल, एम्स और सफदरजंग अस्पताल भेजा गया है।

मलबे में कई लोगों के फंसे होने की आशंका
दिल्ली इमारत हादसा में सबसे बड़ी चिंता यह है कि मलबे के नीचे अभी भी बड़ी संख्या में लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है। बचाव दल लगातार मशीनों और विशेष उपकरणों की मदद से मलबा हटाने में जुटे हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि हर संभव प्रयास किया जा रहा है ताकि फंसे हुए लोगों तक जल्द पहुंचा जा सके।

धमाके जैसी आवाज से दहल गया इलाका
दिल्ली इमारत हादसा के प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि इमारत गिरने से पहले और गिरते समय जोरदार धमाके जैसी आवाज सुनाई दी। कुछ ही सेकंड में पूरी इमारत जमीन पर आ गई और चारों तरफ धूल का घना गुबार फैल गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि हादसे के बाद कुछ देर तक कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था।

निर्माण कार्य को लेकर उठे सवाल
दिल्ली इमारत हादसा के बाद स्थानीय लोगों ने दावा किया है कि इमारत के एक हिस्से में निर्माण कार्य चल रहा था। हालांकि हादसे की असली वजह क्या थी, इसका पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
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पुलिस ने बनाया ग्रीन कॉरिडोर
दिल्ली इमारत हादसा के दौरान घायलों को जल्द अस्पताल पहुंचाने के लिए पुलिस ने विशेष ग्रीन कॉरिडोर बनाया। दक्षिणी दिल्ली के पुलिस उपायुक्त अनंत मित्तल ने बताया कि एम्बुलेंस को बिना किसी रुकावट के अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की गई, जिससे घायलों को समय पर उपचार मिल सके।

मेडिकल छात्र और डॉक्टर भी थे मौजूद
दिल्ली इमारत हादसा को लेकर फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट्स (एफएमजी) के अध्यक्ष डॉ. जसवंत ने बताया कि इमारत में कई मेडिकल छात्र और डॉक्टर भी रह रहे थे। शुरुआती जानकारी के अनुसार कुछ छात्र एफएमजी और पीजी परीक्षा की तैयारी कर रहे थे। बचाव अभियान के दौरान कई छात्रों को बाहर निकाला गया है।

परिजनों की बढ़ी चिंता, मौके पर जुटी भीड़
दिल्ली इमारत हादसा के बाद लापता लोगों के परिजन घटनास्थल पर पहुंच रहे हैं। बड़ी संख्या में लोग अपने परिवार के सदस्यों की जानकारी पाने के लिए मौके पर मौजूद हैं। प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर आम लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी है।

राहत अभियान जारी
दिल्ली इमारत हादसा के बाद बचाव कार्य लगातार जारी है। एनडीआरएफ और अन्य एजेंसियां मलबे में जीवन के संकेत तलाशने के लिए आधुनिक उपकरणों का उपयोग कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि जब तक सभी लोगों का पता नहीं चल जाता, तब तक राहत एवं बचाव अभियान जारी रहेगा।

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