case withdrawal pressure : जबलपुर। जबलपुर के बहुचर्चित पूर्व भाजपा मंडल अध्यक्ष अतुल चौरसिया और उसके साथी शीतल दुबे द्वारा कथित रूप से संचालित देह व्यापार के अड्डे के मामले में एक नया मोड़ आ गया है। इस मामले की पीड़ित युवती ने अब आरोप लगाया है कि उसे केस वापस लेने और जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं। धमकी से परेशान होकर युवती ने मंगलवार को पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय पहुंचकर पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई और कार्रवाई की मांग की।
जमानत पर छूटे आरोपी और परिजन दे रहे धमकी
पीड़ित युवती ने एसपी ऑफिस में शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि उसे अतुल चौरसिया के परिवार, शीतल दुबे, और पप्पू यादव नामक व्यक्ति द्वारा लगातार फोन पर धमकाया जा रहा है।
पीड़िता ने बताया कि मुख्य आरोपी अतुल चौरसिया तो जेल में है, लेकिन उसका साथी शीतल दुबे जमानत पर जेल से बाहर आ गया है। जेल से बाहर आने के बाद शीतल दुबे उसे बार-बार धमका रहा है। धमकी मिलने के बाद ही वह पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंची है और पूरे मामले में सुरक्षा व कार्रवाई की मांग की है।
case withdrawal pressure : असम से लाकर कराया देह व्यापार
युवती ने अपनी शिकायत में बताया कि शीतल दुबे उसे वर्ष 2023 में असम से जबलपुर लाया था और अतुल चौरसिया के ‘अतिथि इन’ होटल में काम दिलाया था। इसके बाद शीतल दुबे और अतुल चौरसिया ने मिलकर उसका दैहिक शोषण किया।
पीड़िता ने यह भी बताया कि इस होटल में कई लोग आते थे, जिनके द्वारा भी अन्य युवतियों के साथ भी दैहिक शोषण किया जाता था। जून 2025 में पीड़ित युवती की शिकायत के बाद ही पुलिस ने मामला दर्ज किया था और दोनों आरोपियों—अतुल चौरसिया और शीतल दुबे—को गिरफ्तार किया था। अब आरोपी पक्ष, मामले को रफा-दफा करने के लिए पीड़िता पर दबाव बना रहा है।
पीड़िता : “शीतल दुबे जमानत पर बाहर आ गया है और पप्पू यादव, अतुल चौरसिया के परिवार के लोग मुझे बार-बार फोन कर रहे हैं, कह रहे हैं कि केस वापस ले लो, नहीं तो जान से मार देंगे। मैं बहुत डरी हुई हूँ, इसलिए एसपी साहब के पास कार्रवाई के लिए आई हूँ।”
case withdrawal pressure : पुलिस ने दिया जांच का आश्वासन
पीड़िता की शिकायत को पुलिस अधीक्षक कार्यालय ने गंभीरता से लिया है।
अंजना तिवारी, एएसपी (अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक) : “पीड़िता हमारे पास आई है और उसने बताया है कि जमानत पर छूटे आरोपी शीतल दुबे और अन्य व्यक्तियों द्वारा उसे जान से मारने की और केस वापस लेने की धमकियाँ दी जा रही हैं। हमने उसकी शिकायत ले ली है। हम तत्काल मामले की जांच कर रहे हैं और पीड़िता को सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी। धमकियाँ देने वाले आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”
case withdrawal pressure : पुलिस अब धमकियाँ देने वाले लोगों की पहचान कर रही है और शीतल दुबे की जमानत रद्द करने की प्रक्रिया पर भी विचार किया जा सकता है।













