रायपुर : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर आज देश की सबसे बड़ी सुरक्षा बैठक DGP-IGP कॉन्फ्रेंस 2025 की मेजबानी कर रही है। इस उच्चस्तरीय कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल समेत भारत की सभी प्रमुख सुरक्षा एजेंसियों के शीर्ष अधिकारी शामिल हो रहे हैं। कार्यक्रम का उद्घाटन दोपहर 2 बजे होगा, जिसके बाद लगातार शाम 8 बजे तक बैठकें चलेंगी।
शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों का रायपुर आगमन
कॉन्फ्रेंस में शामिल होने के लिए देशभर के DG और शीर्ष अधिकारी रायपुर पहुंच चुके हैं, जिनमें शामिल हैं—
- BSF DG दलजीत सिंह चौधरी
- ITBP DG प्रवीण कुमार
- जम्मू-कश्मीर DG नलिन प्रभात
- असम DG हरमीत सिंह
गृह मंत्रालय और विभिन्न राज्यों के गृह विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, CAPFs और CPOs के प्रमुख भी IIM रायपुर पहुँच रहे हैं।
अमित शाह ने मुख्यमंत्री से की अहम बैठक
सम्मेलन से पहले छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और गृहमंत्री विजय शर्मा ने गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। बैठक में नक्सल उन्मूलन, आंतरिक सुरक्षा और राज्य की सुरक्षा रणनीतियों पर महत्वपूर्ण बातचीत हुई।इसके बाद शाह IIM रायपुर के लिए रवाना हुए।
पहले दिन होगा सुरक्षा मुद्दों पर गहन मंथन
पहले दिन दोपहर 2 बजे से रात 8 बजे तक कई राउंड की बैठकें होंगी। मुख्य एजेंडा रहेगा—
- आंतरिक सुरक्षा
- इंटेलिजेंस नेटवर्क को मजबूत करना
- भविष्य की सुरक्षा रणनीतियाँ
- ऑपरेशनल चुनौतियों पर चर्चा
‘सुरक्षित भारत’ के लिए तैयार होगा नया रोडमैप
इस कॉन्फ्रेंस में कई महत्वपूर्ण विषयों की समीक्षा की जाएगी—
- लेफ्ट विंग एक्सट्रीमिज्म (नक्सलवाद)
- काउंटर टेररिज्म रणनीति
- आपदा प्रबंधन
- महिलाओं की सुरक्षा
- पुलिसिंग में फोरेंसिक साइंस और AI का उपयोग
यह सम्मेलन विभिन्न राज्यों की पुलिस के बीच समन्वय बढ़ाने और मजबूती से सुरक्षा रणनीतियाँ लागू करने का व्यापक प्लेटफॉर्म है।
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2014 से सम्मेलन में लाए गए बड़े बदलाव
प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में 2014 से सम्मेलन के स्वरूप में कई बड़े सुधार हुए हैं। यह कॉन्फ्रेंस देश के अलग-अलग राज्यों में आयोजित की गई है—गुवाहाटी, कच्छ, हैदराबाद, टेकनपुर, केवड़िया, पुणे, लखनऊ, नई दिल्ली, जयपुर और भुवनेश्वर।रायपुर में हो रहा यह राष्ट्रीय स्तर का सुरक्षा सम्मेलन देश की सुरक्षा नीति, भविष्य की चुनौतियों और पुलिसिंग में तकनीकी बदलावों को दिशा देने वाला महत्वपूर्ण कार्यक्रम साबित होगा।











