Revanna sex scandal : पूर्व प्रधानमंत्री के पोते को यौन शोषण केस में अदालत ने ठहराया दोषी

Revanna sex scandal : बेंगलुरु। जनता दल (सेक्युलर) के नेता और पूर्व प्रधानमंत्री एच. डी. देवेगौड़ा के पोते प्रज्वल रेवन्ना को कर्नाटक की एक अदालत ने शुक्रवार को एक बहुचर्चित यौन शोषण मामले में दोषी करार दिया है। यह मामला अप्रैल 2024 में सामने आया था, जब हासन जिले में प्रज्वल के कथित आपत्तिजनक वीडियो सार्वजनिक हुए थे।

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21 अप्रैल 2024 को हासन शहर में कई जगहों पर एक पेन ड्राइव गुमनाम रूप से बांटी गई, जिसमें प्रज्वल रेवन्ना के कथित यौन शोषण से जुड़े वीडियो क्लिप थे। अगले ही दिन ये वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए और स्थानीय पुलिस को शिकायतें मिलने लगीं।

23 अप्रैल को एक महिला ने प्रज्वल के खिलाफ पहली यौन शोषण की FIR दर्ज कराई। इसके कुछ दिन बाद, 27 अप्रैल को प्रज्वल जर्मनी भाग गए। इसी दिन मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने इस मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया।

SIT ने 1 मई को प्रज्वल को पेश होने का नोटिस भेजा, लेकिन उनके न आने पर 2 मई को लुकआउट सर्कुलर और बाद में इंटरपोल से ब्लू कॉर्नर नोटिस भी जारी कराया गया। 7 मई को एक और महिला ने प्रज्वल के खिलाफ बलात्कार की शिकायत दर्ज कराई, जबकि जून में तीसरी महिला ने भी आरोप लगाए।

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प्रज्वल ने 27 मई 2024 को एक वीडियो संदेश जारी कर निर्दोष होने की बात कही और जल्द भारत लौटने का वादा किया। 31 मई को वे बेंगलुरु एयरपोर्ट पर पहुंचे, जहां महिला पुलिस अधिकारियों ने उन्हें हिरासत में ले लिया। इसके बाद से उन्हें न्यायिक हिरासत में रखा गया है।

Sex videos case: Prajwal Revanna handed over to SIT custody in rape caseSIT ने सभी तीन मामलों में विस्तृत चार्जशीट दाखिल की। इसमें वीडियो फुटेज, DNA रिपोर्ट, पीड़िताओं के 164 CrPC बयान और गवाहों के बयान शामिल किए गए। अदालत ने 31 दिसंबर 2024 को मुकदमे की सुनवाई शुरू की।

करीब सात महीने तक चले ट्रायल के बाद, 1 अगस्त 2025 को अदालत ने एक मामले में प्रज्वल को दोषी ठहराया है। उनकी सजा पर सुनवाई शनिवार को होगी। अन्य दो मामलों में सुनवाई अलग-अलग स्तरों पर जारी है।

यह मामला न केवल कर्नाटक की राजनीति को हिलाकर रख देने वाला साबित हुआ, बल्कि पूर्व प्रधानमंत्री के परिवार की छवि को भी प्रभावित करने वाला रहा। विपक्षी दलों ने इस मामले को लेकर कई बार राज्य सरकार और केंद्र से प्रज्वल के प्रत्यर्पण में देरी को लेकर सवाल उठाए।

राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि मामले में किसी भी तरह की राजनीतिक रियायत नहीं दी गई है और कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की गई है।

प्रज्वल रेवन्ना मामला: सांसदों के लिए राजनयिक पासपोर्ट और रद्द करने के नियम - द हिंदूमामले की मुख्य टाइमलाइन:

  1. 21 अप्रैल 2024: वीडियो वायरल
  2. 23 अप्रैल 2024: पहली FIR
  3. 27 अप्रैल 2024: SIT गठित, प्रज्वल जर्मनी रवाना
  4. 1 मई 2024: नोटिस जारी
  5. 2 मई 2024: लुकआउट सर्कुलर
  6. 4 मई 2024: ब्लू कॉर्नर नोटिस
  7. 31 मई 2024: गिरफ्तारी
  8. 31 दिसंबर 2024: ट्रायल शुरू
  9. 1 अगस्त 2025: दोष सिद्ध
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