Saturday, August 15, 2026
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अब खसरा, बी-1 और नक्शा 7 दिनों में – राजस्व विभाग ने लागू की नई व्यवस्था

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राजस्व विभाग : रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने नागरिकों को बड़ी राहत देते हुए भूमि से जुड़े दस्तावेजों की प्राप्ति को लेकर समयबद्ध व्यवस्था लागू कर दी है। अब आम नागरिकों को खसरा, खतौनी, बी-1, नक्शा, नामांतरण पंजी और अन्य जरूरी दस्तावेज प्राप्त करने के लिए महीनों भटकना नहीं पड़ेगा। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने इसके लिए छत्तीसगढ़ लोक सेवा गारंटी अधिनियम 2011 के तहत अधिसूचना जारी कर दी है, जो 28 जुलाई 2025 से पूरे राज्य में लागू मानी जाएगी।

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जारी अधिसूचना के अनुसार, अब नागरिक 7 कार्यदिवस के भीतर सामान्य श्रेणी के भूमि दस्तावेज प्राप्त कर सकेंगे। वहीं अगर कोई तत्काल सेवा चाहता है तो उसे 3 कार्यदिवस में दस्तावेज उपलब्ध करा दिए जाएंगे।

सामान्य सेवा में सेवा प्रदायक अधिकारी – नायब तहसीलदार, तहसीलदार या अतिरिक्त तहसीलदार होंगे, जबकि सक्षम प्राधिकारी तहसीलदार होंगे और अपील अधिकारी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) होंगे।

वहीं, तत्काल सेवा में सेवा प्रदायक अधिकारी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) होंगे, सक्षम प्राधिकारी कलेक्टर होंगे और अपील अधिकारी संभागायुक्त होंगे।

राजस्व दस्तावेजों की नकल अब संबंधित जिला कलेक्टर कार्यालय से भी प्राप्त की जा सकेगी। साथ ही हर जिले में “नकल शाखा” में एक प्रभारी अधिकारी नियुक्त किया जाएगा, जो सेवा की समयबद्धता और गुणवत्ता सुनिश्चित करेगा।

जरूरी दस्तावेज और प्रक्रिया

सेवा प्राप्त करने के लिए नागरिकों को निम्नलिखित दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे:

  • 5 रुपये के कोर्ट फीस टिकट के साथ आवेदन पत्र

  • संबंधित भूमि का पूरा विवरण (जैसे खसरा नंबर, बी-1, नक्शा आदि)

  • निर्धारित विधिक शुल्क

  • यदि तत्काल सेवा ले रहे हैं तो निर्धारित अतिरिक्त शुल्क भी देना होगा

जवाबदेही तय, पारदर्शिता बढ़ेगी

इस नई व्यवस्था से पहले आवेदकों को भूमि दस्तावेजों के लिए कई महीनों तक इंतजार करना पड़ता था, जिससे भ्रष्टाचार और अनावश्यक परेशानियों की स्थिति बनती थी। लेकिन अब लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत प्रशासनिक जवाबदेही तय की गई है। सेवा प्रदायकों से लेकर अपील अधिकारियों तक की स्पष्ट रूपरेखा तय कर दी गई है।

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यह अधिसूचना 28 जुलाई से प्रभावी हो चुकी है और इसे छत्तीसगढ़ राजपत्र (असाधारण) में प्रकाशित भी किया गया है। इस नई अधिसूचना के लागू होने के साथ ही इस विषय में पूर्व की सभी अधिसूचनाएं अधिक्रमित मानी जाएंगी।

राज्य सरकार की यह पहल न सिर्फ नागरिक सुविधाओं में सुधार लाएगी, बल्कि राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता, उत्तरदायित्व और सुशासन को भी बढ़ावा देगी।

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