Saturday, August 15, 2026
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‘नशे से दूरी – है जरूरी’ बना वर्ल्ड रिकॉर्ड : 23 लाख लोगों की भागीदारी से मध्यप्रदेश पुलिस का जनजागरूकता अभियान बना इतिहास

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वर्ल्ड रिकॉर्ड : भोपाल। नशे के खिलाफ चलाए गए मध्यप्रदेश पुलिस के जन-जागरूकता अभियान ‘नशे से दूरी – है जरूरी’ ने एक नया इतिहास रच दिया है। 15 जुलाई से 30 जुलाई 2025 तक आयोजित इस राज्यव्यापी अभियान को वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स द्वारा विश्व कीर्तिमान के रूप में मान्यता दी गई है। इस अभियान में प्रदेश के 57 जिलों के 1175 थानों ने भागीदारी की, जिसमें लगभग 23 लाख लोगों ने प्रत्यक्ष रूप से भाग लिया, वहीं सोशल मीडिया के माध्यम से 6.35 करोड़ से अधिक लोगों तक यह संदेश पहुंचा।

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शुक्रवार, 1 अगस्त को भोपाल स्थित पुलिस मुख्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स के सीईओ और प्रेसिडेंट श्री संतोष शुक्ला ने डीजीपी कैलाश मकवाणा एवं एडीजी नारकोटिक्स के.पी. व्यंकटेश्वर राव को आधिकारिक सर्टिफिकेट सौंपा। इस दौरान संस्था की जनरल सेक्रेटरी डॉ. तिथि भल्ला, एडिटर सुश्री अपूर्वा मेनन सहित कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

डीजीपी कैलाश मकवाणा ने कहा कि युवाओं और किशोरों को नशे से मुक्त रखना न केवल हमारा शासकीय कर्तव्य है, बल्कि नैतिक दायित्व भी है। उन्होंने बताया कि यह अभियान जनसहयोग, पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों, विभिन्न विभागों और सामाजिक संस्थाओं के सामूहिक प्रयास से एक जनआंदोलन बनकर उभरा।

उन्होंने यह भी कहा कि, “हमारा उद्देश्य कभी भी कोई वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाना नहीं था। असली मकसद यह था कि अधिक से अधिक लोगों को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया जाए। यदि इस अभियान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिली है, तो यह प्रदेश की जनता के सहयोग और पुलिसकर्मियों की मेहनत का परिणाम है।”

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वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स के सीईओ श्री शुक्ला ने इस अभियान की सराहना करते हुए इसे एक उदाहरणात्मक जन-जागरण बताया। उन्होंने डीजीपी मकवाणा को 13 सितंबर 2025 को ब्रिटिश पार्लियामेंट में आयोजित होने वाले सम्मान समारोह में भाग लेने के लिए आमंत्रित भी किया। यह उपलब्धि मध्यप्रदेश पुलिस और प्रदेशवासियों के लिए गर्व की बात है और साथ ही यह देश के अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन सकती है।

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