नई दिल्ली : अगर आप आने वाले समय में नया घर खरीदने के लिए होम लोन लेने की तैयारी कर रहे हैं या पहले से किसी बैंक का फ्लोटिंग रेट लोन चुका रहे हैं, तो आपके लिए राहतभरी खबर है। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने फ्लोटिंग-रेट लोन के स्प्रेड से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया है। नए नियमों के मुताबिक बैंक अब तीन साल का इंतजार किए बिना भी आपके लोन की ब्याज दर कम कर सकेंगे — बशर्ते आपका क्रेडिट स्कोर पहले से बेहतर हो गया हो।
नया क्रेडिट स्कोर सिस्टम देगा तुरंत फायदा
RBI के पुराने नियमों के तहत बैंकों को स्प्रेड की समीक्षा केवल 3 साल बाद करने की अनुमति थी। इसी वजह से ग्राहक अपने क्रेडिट स्कोर सुधरने के बावजूद ब्याज घटने का लाभ समय पर नहीं ले पाते थे।
नए संशोधित दिशानिर्देशों के बाद यह बाध्यता समाप्त कर दी गई है।
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अब यदि किसी ग्राहक का क्रेडिट स्कोर लोन अवधि के दौरान बेहतर होता है, तो बैंक तुरंत स्प्रेड कम कर सकते हैं और इसका सीधा असर EMI पर पड़ेगा।
स्प्रेड कैसे तय होता है और इसमें क्या बदलाव हुआ?
जब बैंक होम लोन देते हैं, तो ब्याज दर दो चीजों से मिलकर बनती है—
- बाहरी बेंचमार्क जैसे RBI रेपो रेट या T-Bill यील्ड
- बैंक का स्प्रेड, जिसके भीतर बैंक का जोखिम और लागत शामिल होती है
अब RBI ने साफ किया है कि यदि ग्राहक का क्रेडिट स्कोर सुधरता है, तो बैंक बिना इंतजार के स्प्रेड घटा सकते हैं। यानी आपका वित्तीय व्यवहार जितना बेहतर, ब्याज उतना कम।
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कैसे कम होगा होम लोन का ब्याज?
इसके लिए ग्राहकों को खुद पहल करनी होगी।
- अपना क्रेडिट स्कोर नियमित रूप से चेक करें
- यदि स्कोर बढ़ा है तो बैंक को रेट कट के लिए आवेदन दें
- बैंक आपकी क्रेडिट प्रोफाइल का पुनर्मूल्यांकन करेगा
- पात्र पाए जाने पर बैंक या तो आपका स्प्रेड कम करेगा या लोन टेन्योर घटा सकता है
लंबी अवधि वाले होम लोन में 0.25% ब्याज भी कम होने पर EMI में हर माह हजारों रुपये बच सकते हैं।
पुराने और नए ग्राहकों को मिलेगा समान अवसर
पहले नए ग्राहकों को तुरंत कम ब्याज दर मिल जाती थी, जबकि पुराने ग्राहकों को तीन साल इंतजार करना पड़ता था।लेकिन अब बेहतर क्रेडिट स्कोर वाले मौजूदा ग्राहक भी तुरंत रेट कट की मांग कर सकते हैं, जिससे सिस्टम सभी के लिए समान और पारदर्शी हो जाएगा।











