Share Market/मुंबई : भारतीय शेयर बाजार में बुधवार, 19 नवंबर को हल्की मजबूती और दबाव के बीच मिश्रित रुझान देखने को मिला। सेंसेक्स 84,700 के आसपास और निफ्टी 25,900 के करीब ट्रेड करता दिखा। बाजार में खासतौर पर आईटी और बैंकिंग शेयरों ने सहारा दिया, जबकि फाइनेंस और ऊर्जा सेक्टर में गिरावट ने इंडेक्स को नीचे खींचा।
आईटी और बैंकिंग शेयरों ने संभाला बाजार
मार्केट के शुरुआती सत्र में निफ्टी के प्रमुख गेनर्स में शुमार रहे —
श्रीराम फाइनेंस, टीसीएस, टेक महिंद्रा, ट्रेंट और आईसीआईसीआई बैंक। इन शेयरों में सकारात्मक मूवमेंट से निवेशकों की धारणा मजबूत रही।वहीं दूसरी ओर मैक्स हेल्थकेयर, अपोलो हॉस्पिटल्स, बजाज फिनसर्व, ओएनजीसी और हिंदाल्को नुकसान के साथ ट्रेड करते दिखे। भारी उतार-चढ़ाव से यह साफ है कि निवेशक फिलहाल बड़े कॉर्पोरेट नतीजों और वैश्विक संकेतों का इंतजार कर रहे हैं।
रुपये में मामूली मजबूती, लेकिन दबाव कायम
Share Market अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये ने 9 पैसे की बढ़त के साथ 88.51 का स्तर छुआ।हालांकि, विदेशी निवेश की निकासी और डॉलर की मजबूती ने रुपये पर लगातार दबाव बनाए रखा है।विश्लेषकों के अनुसार, कच्चे तेल की गिरती कीमतों से रुपये को राहत मिल सकती है, लेकिन वैश्विक अनिश्चितता और FPI सेलिंग इसे फिर कमजोर बना सकती है।
कच्चे तेल में नरमी से बाजार को राहत
ग्लोबल मार्केट में क्रूड ऑयल में गिरावट जारी है—
- WTI क्रूड 0.36% गिरकर 60.45 डॉलर प्रति बैरल
- ब्रेंट क्रूड 0.35% गिरकर 64.66 डॉलर प्रति बैरल
कच्चे तेल की यह कमजोरी भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत है,क्योंकि इससे इंपोर्ट कॉस्ट कम होती है और महंगाई पर काबू में मदद मिलती है।
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वैश्विक बाजारों का दबाव भारतीय बाजार पर भी हावी
एशियाई बाजारों में मिश्रित रुझान देखने को मिला—
- जापान का निक्केई +0.24%
- कोरिया का कोस्पी -0.50%
- हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग -0.47%
Share Market अमेरिकी बाजारों में भी गिरावट का दौर रहा, जहां डाउ जोन्स, नैस्डेक और S&P 500 सभी लाल निशान में बंद हुए।यह वैश्विक कमजोरी भारतीय बाजार के सेंटिमेंट पर असर डाल रही है।
बीते दिन भी बाजार रहा था कमजोर
मंगलवार को सेंसेक्स 277 अंक गिरकर 84,673, जबकि निफ्टी 103 अंक टूटकर 25,910 पर बंद हुआ था। लगातार दो दिनों की यह सुस्ती बताती है कि बाजार फिलहाल किसी बड़े ट्रिगर की प्रतीक्षा कर रहा है।









