The Menace of Bulls in Ratlam: रतलाम: मध्य प्रदेश के रतलाम शहर के दीनदयाल नगर (इ सेक्टर) क्षेत्र में रविवार दोपहर आवारा सांडों के आतंक (Stray Cattle Menace) का एक बेहद ही डरावना और रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला सामने आया है। गली के बीचों-बीच दो सांडों की खतरनाक और हिंसक भिड़ंत के बीच अपनी स्कूटी से गुजर रहे एक बुजुर्ग और उनके तीन मासूम पोते-पोती बेहद करीब से काल के गाल में समाते-समाते बचे। यदि बुजुर्ग ने ऐन वक्त पर सूझबूझ और फुर्ती न दिखाई होती, तो शहर में एक बड़ा और हृदयविदारक हादसा होना तय था। इस हिंसक युद्ध में सांडों ने कई दोपहिया वाहनों को खिलौनों की तरह पटक-पटक कर क्षतिग्रस्त कर दिया। यह पूरी घटना वहां लगे एक सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिसका CCTV Footage Viral होने के बाद शहर में हड़कंप मच गया है।
मौत को बिल्कुल सामने देख बच्चों को लेकर भागे दादा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना दोपहर की है जब दीनदयाल नगर की एक संकरी गली से बुजुर्ग दादा अपनी स्कूटी पर तीन मासूम बच्चों को बैठाकर गुजर रहे थे। इसी दौरान अचानक दो विशालकाय सांड आपस में बुरी तरह लड़ते हुए और एक-दूसरे को धकेलते हुए उसी ओर बढ़े। सांडों को अपनी तरफ तेजी से आता देख बुजुर्ग ने तुरंत हिम्मत दिखाई और स्कूटी को बीच रास्ते में ही रोककर बच्चों को गोद में लिया और वहां से उल्टे पांव दौड़ लगा दी। उनके भागने के महज एक से दो सेकंड के भीतर ही लड़ते हुए सांड ठीक उसी जगह आ पहुंचे, जहां स्कूटी खड़ी थी। सांडों ने स्कूटी को अपनी चपेट में लेते हुए हवा में उछाल दिया, जिससे वाहनों को भारी Property Vandalism Damage (संपत्ति नुकसान) पहुंचा है।
रहवासियों ने पानी डालकर शांत किया मामला (Community Hazard Response)
सांडों के इस रौद्र रूप को देखकर पूरी गली में चीख-पुकार मच गई और दहशत का माहौल बन गया। लोग खिड़कियों और छतों से यह खौफनाक मंजर देख रहे थे। इसके बाद मोहल्ले के कुछ जागरूक रहवासियों ने साहस का परिचय देते हुए Community Hazard Response (सामुदायिक संकट प्रतिक्रिया) के तहत अपने घरों से बाल्टियों और पाइप से सांडों के ऊपर ठंडा पानी डालना शुरू किया। काफी मशक्कत और शोर-शराबे के बाद सांडों की लड़ाई शांत हुई और उन्हें गली से खदेड़ा जा सका।
कुंभकर्णी नींद में सोया नगर निगम (Civic Administration Negligence)
इस रोंगटे खड़े कर देने वाले हादसे के बाद क्षेत्रीय जनता का गुस्सा नगर निगम प्रशासन के खिलाफ सातवें आसमान पर पहुंच गया है। स्थानीय रहवासियों का कहना है कि दीनदयाल नगर के इ सेक्टर और आसपास के इलाकों में आए दिन आवारा पशुओं और सांडों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे बुजुर्गों और बच्चों का अकेले घरों से बाहर निकलना भी दूभर हो चुका है।
आक्रोशित नागरिकों ने तीखे शब्दों में कहा:
- “हमने इस गंभीर समस्या को लेकर नगर निगम को कई बार लिखित और मौखिक रूप से शिकायतें दी हैं, लेकिन Civic Administration Negligence (नागरिक प्रशासन की लापरवाही) का आलम यह है कि कुंभकर्णी नींद में सोया प्रशासन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर सका। आज तो भगवान की कृपा से मासूम बच्चों की जान बच गई, लेकिन क्या निगम प्रशासन किसी मासूम की मौत के बाद ही जागेगा?”
स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और निगम कमिश्नर से मांग की है कि २४ घंटे के भीतर शहर को आवारा पशुओं से मुक्त कराने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए, अन्यथा उग्र आंदोलन किया जाएगा।









