The Jabalpur-Kajarwara Theft Incident: जबलपुर: जबलपुर के गौराबाजार थाना क्षेत्र के कजरवारा में सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए चोरों ने एक सूने मकान से करीब 17 से 18 लाख रुपये के सोने-चांदी के जेवरात और नगदी पर हाथ साफ कर दिया। इस Massive Burglary Case (बड़ी चोरी का मामला) को लेकर हैरान करने वाली बात यह है कि घटना की लिखित एफआईआर 10 मई को ही दर्ज करा दी गई थी, लेकिन कई दिन बीत जाने के बाद भी स्थानीय पुलिस की सुस्ती और अकर्मण्यता बरकरार है। पुलिस की इस कथित निष्क्रियता से तंग आकर आज पीड़ित परिवार और कजरवारा पुरानी बस्ती के दर्जनों नागरिकों ने पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय का घेराव कर न्याय की गुहार लगाई।
बुजुर्ग सदमे में, रातों की उड़ी नींद (Elderly Trauma Shock)
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कजरवारा पुरानी बस्ती निवासी 85 वर्षीय बुजुर्ग कंदीलाल उपाध्याय का परिवार किसी काम से बाहर गया हुआ था। इसी का फायदा उठाकर अज्ञात शातिर चोरों ने कंदीलाल के सूने मकान का ताला तोड़ दिया। चोरों ने घर के भीतर रखी मुख्य अलमारी के लॉकर को कटर या रॉड से कतरकर उसमें रखे पुश्तैनी जेवरात और लाखों रुपये की नगदी समेट ली और चंपत हो गए। इस उम्र में अपनी पूरी जमा-पूंजी लुट जाने के कारण बुजुर्ग कंदीलाल उपाध्याय गहरे Elderly Trauma Shock (बुजुर्ग सदमे) में हैं और इस मानसिक आघात के कारण वे रातों को सो भी नहीं पा रहे हैं।
जांच के नाम पर केवल खानापूर्ति का आरोप (Police Inaction Protest)
एसपी कार्यालय पहुंचे शिकायतकर्ता अटल उपाध्याय और स्थानीय नागरिकों ने गौराबाजार पुलिस पर बेहद संगीन आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि 10 मई को ही थाने में केस दर्ज करा दिया गया था, लेकिन पुलिस की Law Enforcement Slackness (कानून प्रवर्तन की ढिलाई) का आलम यह है कि इतने दिन बीतने के बाद भी न तो कोई बड़ा अधिकारी या फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट घटना स्थल की बारीकी से जांच करने पहुंचा और न ही इलाके के ज्ञात संदिग्धों या आदतन अपराधियों को बुलाकर पूछताछ की गई। पुलिस के इस ढुलमुल रवैये से नाराज होकर ही कजरवारा के लोगों को Police Inaction Protest (पुलिस निष्क्रियता विरोध) के लिए मजबूर होना पड़ा।
एसपी दफ्तर में शिकायत, त्वरित कार्रवाई का आश्वासन (District Grievance Submission)
नागरिकों के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए जबलपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एडिशनल एसपी) सूर्यकांत शर्मा ने पीड़ित पक्ष की पूरी बात सुनी और उनके आवेदन को District Grievance Submission (जिला शिकायत प्रस्तुतीकरण) के तहत दर्ज कर तत्काल कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं।
बाइट 1: कंदीलाल उपाध्याय (शिकायतकर्ता व पीड़ित बुजुर्ग) “मेरी उम्र 85 साल हो गई है, मैंने अपनी जिंदगी की पूरी कमाई इस घर में जोड़कर रखी थी। चोरों ने मेरा सब कुछ लूट लिया। पुलिस को बताया पर वो सुनने को तैयार नहीं है। अब मुझे रात भर नींद नहीं आती, मेरा न्याय पर से भरोसा उठ रहा है।”
बाइट 2: अटल उपाध्याय (शिकायतकर्ता/परिजनों की ओर से) “हमने 10 मई को ही सारी औपचारिकताएं पूरी कर एफआईआर करवा दी थी। लेकिन गौराबाजार थाना पुलिस इस मामले को दबाकर बैठी है। कोई सुराग लगाना तो दूर, पुलिस ने मौके पर आकर मुआयना तक करना ठीक नहीं समझा। इसलिए हमें एसपी साहब के पास आना पड़ा।”
बाइट 3: सूर्यकांत शर्मा (एडिशनल एसपी, जबलपुर) “कजरवारा में हुई चोरी का मामला हमारे संज्ञान में आया है। पीड़ित पक्ष ने पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर कुछ शिकायतें की हैं। गौराबाजार थाना प्रभारी को इस चोरी के मामले में तुरंत विशेष टीम गठित कर आरोपियों की धरपकड़ के निर्देश दिए गए हैं। लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों की भी जांच की जाएगी।”









