कांगड़ा : दुबई एयर शो के दौरान जहां बीते शुक्रवार को तेजस विमान दुर्घटनाग्रस्त होने से शहीद हुए विंग कमांडर नमांश स्याल की पार्थिव देह रविवार दोपहर एयरफोर्स के विशेष विमान से कांगड़ा के गगल एयरपोर्ट लाई गई। उनके साथ माता-पिता, पत्नी विंग कमांडर अफशां और सात वर्षीय बेटी भी पहुंची। पत्नी अफशां वर्दी में पति के पार्थिव शरीर के साथ उतरीं—दृश्य देखकर हर किसी की आंखें भर आईं।
यहां से पार्थिव देह को उनके पैतृक गांव पटियालकड़ ले जाया गया, जहां आज सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार होगा। चूंकि नमांश का कोई सगा भाई नहीं था, इसलिए उनके चचेरे भाई मुखाग्नि देंगे।
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गांव में गम का माहौल, सैकड़ों लोग उमड़े
गांव में सुबह से ही भीड़ उमड़ी हुई है। वहीं घर पर ताया-तायी, रिश्तेदार और ग्रामीण नम आंखों से शोक व्यक्त कर रहे हैं। ताया जोगिंद्र स्याल ने कहा—“यह हमारे परिवार ही नहीं, पूरे देश के लिए अपूरणीय क्षति है।”
स्कूल, गांव, सेना—हर जगह शोक
सैनिक स्कूल सुजानपुर टीरा के पूर्व छात्र और उनके साथ पढ़ चुके लोग भी नमांश को ‘स्कूल का रत्न’ बताते हुए श्रद्धांजलि दे रहे हैं। गांव के लोग कहते हैं कि नमांश बेहद सरल, ईमानदार और मिलनसार थे—सबके चहेते।
नमांश की वर्तमान पोस्टिंग कोयंबटूर के सैलूर में थी, उनकी पत्नी अफशां कोलकाता में प्रशिक्षण पर थीं। माता-पिता इसी बीच पोती की देखभाल के लिए उनके साथ रह रहे थे।
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“छोटे भाई जैसा था वो… ”
गांव के लोग मानों मन से टूटे हुए हैं। एक स्थानीय युवक बोला—“वह हमारे छोटे भाई जैसा था। हम 3–4 महीने पहले ही उससे मिले थे। ऐसा नहीं होना चाहिए था।”
देश ने खोया एक बहादुर बेटा
तेजस क्रैश में शहादत देने वाले विंग कमांडर नमांश स्याल को आज पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी जाएगी। गांव से लेकर पूरे प्रदेश तक शोक की लहर है।











