job fraud : बलरामपुर। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में नौकरी दिलाने के नाम पर एक आदिवासी महिला से 72 लाख रुपये की धोखाधड़ी का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। कुसमी थाने की पुलिस इस ठगी के मामले में एक ऐसे डीएसपी को खोज रही थी, जिनके सोशल मीडिया पर 2.2 मिलियन (करीब 22 लाख) फॉलोअर्स हैं। हालाँकि, जब छत्तीसगढ़ पुलिस की टीम का असली डीएसपी से आमना-सामना हुआ, तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि डीएसपी की वर्दी पहने फोटो का इस्तेमाल कर एक ठेकेदार ने इस बड़ी ठगी को अंजाम दिया था।
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job fraud : डीएसपी की फोटो लगाकर की गई ठगी
दरअसल, मध्य प्रदेश के बालाघाट हॉक फोर्स में पदस्थ असिस्टेंट कमांडेंट संतोष पटेल (जो पिछले साल तक ग्वालियर में बतौर डीएसपी पोस्टेड थे) को फोन पर सूचना मिली कि छत्तीसगढ़ पुलिस के एक सब इंस्पेक्टर उन्हें खोज रहे हैं। डीएसपी संतोष पटेल ने छत्तीसगढ़ पुलिस के एसआई विरासत कुजूर के नेतृत्व वाली टीम को बालाघाट बुलाया। वहाँ बातचीत और केस से जुड़े दस्तावेज देखने पर डीएसपी संतोष पटेल दंग रह गए। दस्तावेजों में आदिवासी महिला से हुई धोखाधड़ी के आवेदन में उन्हीं की वर्दी पहने हुए फोटो लगी थी। उन्होंने तुरंत पहचान लिया कि उनकी लोकप्रियता और वर्दी का दुरुपयोग कर ठगी की गई है।
जेसीबी ऑपरेटर गिरफ्तार, रकम खर्च करने का दावा
डीएसपी संतोष पटेल से जानकारी मिलने के बाद, छत्तीसगढ़ पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की और चार दिन पहले 12 नवंबर को ठगी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की पहचान सीधी के जेसीबी ऑपरेटर संतोष पटेल के रूप में हुई है। पूछताछ में आरोपी ठेकेदार संतोष पटेल ने खुलासा किया है कि उसने महिला से ठगे गए 72 लाख रुपये खर्च कर दिए हैं।
पुलिस कर रही है निवेश की जाँच
आरोपी ठेकेदार संतोष पटेल की गिरफ्तारी के बाद कुसमी पुलिस अब यह पता लगा रही है कि उसने 72 लाख रुपये की ठगी की रकम कहाँ-कहाँ खर्च की या निवेश की है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में असली डीएसपी की फोटो का इस्तेमाल किया गया था, जिससे यह स्पष्ट होता है कि ठगों ने अपनी आपराधिक गतिविधियों के लिए सोशल मीडिया पर लोकप्रिय अधिकारियों की पहचान का फायदा उठाने की कोशिश की थी।











