गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को गोरखपुर पहुंचे, जहां उन्होंने सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित एकता यात्रा और राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने पर आयोजित कार्यक्रम में शिरकत की। इस दौरान सीएम योगी ने राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक गौरव और देशभक्ति को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ कीं।
हर स्कूल में अनिवार्य होगा वंदे मातरम्
कार्यक्रम के दौरान सबसे बड़ा ऐलान करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घोषणा की कि अब उत्तर प्रदेश के सभी स्कूलों में ‘वंदे मातरम्’ का गान अनिवार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा, “वंदे मातरम् ने भारत की सोई हुई चेतना को जगाया और स्वतंत्रता आंदोलन में करोड़ों भारतीयों को एकजुट किया। इसे छात्रों में देशभक्ति की भावना को बढ़ाने के लिए विद्यालयों में अनिवार्य किया जाएगा।” योगी के इस फैसले को वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ पर एक प्रतीकात्मक और बड़ा कदम माना जा रहा है।
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सरदार पटेल को योगी का नमन
मुख्यमंत्री योगी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरदार पटेल की दुनिया की सबसे बड़ी मूर्ति—स्टैच्यू ऑफ यूनिटी—बनवाने के लिए सराहना भी की।उन्होंने कहा कि सरदार पटेल ने देश की 562 रियासतों को जोड़कर राष्ट्र की एकता को मजबूत किया और आज की पीढ़ी को उनसे प्रेरणा लेनी चाहिए।
वंदे मातरम् को लेकर विवाद पर योगी का पलटवार
वंदे मातरम् को लेकर वर्षों से छिड़ी बहस पर योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष को निशाने पर लिया।उन्होंने कहा कि 1876 से लेकर आज़ादी तक ऐसा कोई क्रांतिकारी नहीं था जिसने वंदे मातरम् का विरोध किया हो। इसके साथ ही CM योगी ने कहा कि, “वंदे मातरम् स्वतंत्रता सेनानियों के लिए जीवन का मंत्र था। यह मंत्र सुनते ही युवा और बच्चे आज़ादी के आंदोलन में कूद पड़ते थे।” वहीं उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उसने इस राष्ट्रगीत को “संप्रदायिक” बताकर इसके छंदों को संशोधित करने का प्रयास किया।
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‘देश सर्वोपरि’ की सीख
इसके साथ ही CM योगी आदित्यनाथ ने कहा कि किसी भी व्यक्ति, जाति या मजहब से ऊपर देश का सम्मान है।उन्होंने कहा: “अगर हमारी कोई आस्था राष्ट्रीय अखंडता के बीच आती है, तो उस आस्था को भी त्याग देना चाहिए। देश सबसे ऊपर है।”









