Gujarat Double Murder Case : जूनागढ़ (गुजरात)। गुजरात के जूनागढ़ जिले में एक डबल मर्डर की सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। जूनागढ़ शहर से लगभग 50 किलोमीटर दूर शोभावदला गाँव के खोडियार आश्रम में एक 15 वर्षीय नाबालिग ने अपने बड़े भाई को मौत के घाट उतारने के बाद अपनी गर्भवती भाभी की भी निर्ममता से हत्या कर दी और दोनों शवों को घर में ही नग्न अवस्था में दफना दिया।
Gujarat Double Murder Case : विवाद और नफरत बनी हत्या की वजह
मृतकों की पहचान शिवमगिरी (22) और उनकी पत्नी कंचन कुमारी (19) के रूप में की गई है। पुलिस ने नाबालिग आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जिसने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।
हत्या का कारण: प्रारंभिक जाँच के अनुसार, आरोपी को शराब की लत थी, जिसे लेकर उसका बड़ा भाई शिवमगिरी उसे बार-बार टोकता था। शिवमगिरी आरोपी की कमाई के पैसे भी रख लेता था, जिससे नाबालिग उससे गहरी नफरत करने लगा था।
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पहला वार: 16 अक्टूबर की सुबह, जब शिवमगिरी सो रहा था, तभी आरोपी ने उसके सिर पर लोहे के रॉड से तब तक हमला किया जब तक उसकी मौत नहीं हो गई।
गर्भवती भाभी के साथ हैवानियत
भाई की चीख सुनकर जब गर्भवती पत्नी कंचन कुमारी कमरे में आईं, तो वह डर गईं। पति की हत्या के बाद आरोपी ने पहले गर्भवती भाभी के साथ रेप किया। इसके बाद उसने महिला के पेट पर इतनी जोर से लात मारी कि बच्चा गर्भ से बाहर आ गया। अंत में आरोपी ने भाभी का गला घोंटकर उसकी भी हत्या कर दी।
सबूत मिटाने में माँ ने की मदद
पुलिस का मानना है कि इस जघन्य वारदात के बाद सबूत मिटाने में आरोपी की माँ ने भी उसकी मदद की थी।
हत्या के बाद, आरोपी ने घर में पाँच फुट गहरा गड्ढा खोदा, दोनों के शवों को नग्न कर दफनाया, और उनके कपड़ों में आग लगा दी।
पुलिस का मानना है कि अकेले नाबालिग के लिए इतना गहरा गड्ढा खोदना और शवों को दफनाना संभव नहीं था।
इस तरह हुआ खुलासा
यह घटना 16 अक्टूबर को हुई थी, लेकिन इसका खुलासा 31 अक्टूबर को हुआ। दिवाली के दौरान जब कंचन कुमारी के माता-पिता उनसे बात नहीं कर पाए, तो उन्हें शक हुआ।
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बार-बार कॉल करने पर जब कोई जवाब नहीं मिला, तो आरोपी की माँ ने कॉल रिसीव किया और झूठ बोला कि शिवम और कंचन की सड़क हादसे में मौत हो गई है।
मृतका के माता-पिता ने जब हादसे के सबूत माँगे और खुद गुजरात आकर छानबीन की, तब उन्हें पुलिस से पता चला कि हिम्मतनगर पुलिस स्टेशन क्षेत्र में ऐसा कोई हादसा नहीं हुआ था।
31 अक्टूबर को पुलिस ने आश्रम पहुँचकर खुदाई की और शवों को बाहर निकाला।
पुलिस ने बताया कि यह परिवार मूल रूप से बिहार का रहने वाला है और पिछले 28 साल से आश्रम में रह रहा था। आरोपी के पिता की कोरोना से मौत के बाद उसकी माँ साध्वी जैसा जीवन जी रही थीं।











