नई दिल्ली | भारत की ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में इस बार का त्योहारी सीजन किसी ‘स्वर्ण युग’ से कम नहीं है। GST 2.0 रिफॉर्म्स लागू होने के बाद देश में कार बिक्री में अभूतपूर्व उछाल देखने को मिल रहा है।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को बताया कि 22 सितंबर से लागू हुए GST 2.0 टैक्स सिस्टम के बाद से कार बिक्री दोगुनी से भी अधिक बढ़ गई है। एक महीने के भीतर ही बिक्री का आंकड़ा 5 लाख यूनिट्स को पार कर गया है।
मारुति और टाटा ने की जबरदस्त बिक्री
- मारुति सुजुकी ने सिर्फ एक महीने में 3.5 लाख यूनिट्स की बिक्री दर्ज की।
- टाटा मोटर्स ने करीब 1 लाख कारें बेचीं।
- वहीं, ह्युंडई, महिंद्रा और किआ जैसी कंपनियों ने भी मजबूत प्रदर्शन किया है।
- ऑटो डीलरशिप्स पर ग्राहकों की भीड़ इस बात का संकेत है कि GST 2.0 का असर अब बाजार में स्पष्ट रूप से दिख रहा है।
वित्त मंत्री का बयान
निर्मला सीतारमण ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा
नुमान त्योहारी सीजन (दिवाली तक) में देश में कुल 7 लाख कारों की बिक्री होने का अनुमान लगाया जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि टैक्स स्ट्रक्चर में हुए बदलावों से वाहनों की ऑन-रोड कीमतों में कमी आई है, जिससे उपभोक्ताओं की मांग बढ़ी है।
GST 2.0 से कैसे मिला फायदा
- छोटे और मिड-सेगमेंट वाहनों पर टैक्स दरों में कमी
- इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) क्लेम प्रक्रिया आसान
- ऑटो सेक्टर में कैश फ्लो बेहतर हुआ
- ग्राहकों के लिए नई गाड़ियों की कीमतों में औसतन 5–10% तक कमी
इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स की राय
ऑटो विश्लेषकों के मुताबिक, GST 2.0 ने न केवल उद्योग को रफ्तार दी है बल्कि ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में भी वाहन बिक्री को नई ऊँचाई दी है। यदि यह ट्रेंड जारी रहा तो FY2025-26 में भारत ऑटो सेल्स के नए रिकॉर्ड बना सकता है।
- निष्कर्ष
GST 2.0 के आने के बाद भारतीय ऑटोमोबाइल सेक्टर फिर से पटरी पर लौटता दिख रहा है।
सरकार की टैक्स पॉलिसी और उपभोक्ताओं के उत्साह ने मिलकर इस दिवाली सीजन को “कार इंडस्ट्री का गोल्डन फेस्टिव पीरियड” बना दिया है।











