Dussehra 2025 : रीवा, मध्य प्रदेश: रीवा शहर में विजयादशमी के अवसर पर झाँकी निकालने की पुरानी परम्परा को लेकर स्थानीय निवासियों और प्रशासन के बीच विवाद और मनमुटाव की स्थिति पैदा हो गई है। पिछले तीन वर्षों से झाँकी के पारंपरिक रूट में किए गए बदलाव से स्थानीय रहवासी बेहद नाराज हैं और उन्होंने अपनी यह नाराजगी सीधे राजघराने से ताल्लुक रखने वाले भाजपा विधायक दिव्यराज सिंह के सामने व्यक्त की है।
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Dussehra 2025 : क्या है परम्परा, जिस पर लगी रोक?
स्थानीय लोगों के अनुसार, राजा-महाराजाओं के समय से ही दशहरे के दिन माँ दुर्गा की झाँकी को दशहरा मैदान तक ले जाने की परम्परा रही है। लेकिन प्रशासन ने पिछले तीन सालों से इस रूट को बदल दिया है। अब झाँकियों को दशहरा मैदान तक जाने से पहले ही रोक दिया जाता है और कॉलेज चौराहे से ही वापस लौटा दिया जाता है।
प्रशासन का कहना है कि यह कदम शहर में व्यवस्था को दुरुस्त रखने और कार्यक्रम स्थल के आसपास ट्रैफिक का दबाव कम करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
परम्परा की बहाली की मांग
स्थानीय रहवासी इस प्रशासनिक कदम को अपनी पुरानी परम्परा में हस्तक्षेप मान रहे हैं और इसे जल्द से जल्द बहाल करने की मांग कर रहे हैं। इस संबंध में वामन गोपाल गुप्ता ने बताया कि उन्होंने सिरमौर विधायक और राजघराने के युवराज दिव्यराज सिंह से मुलाकात कर अपनी मांग रखी है। उन्होंने विधायक से अनुरोध किया है कि वे इस परम्परा को बनाए रखने के लिए अनुमति दिलाएँ।
गुप्ता ने यह भी बताया कि दशहरा उत्सव समिति से उनकी बात चल रही है, लेकिन अभी तक कोई स्पष्ट आश्वासन नहीं मिला है। यही वजह है कि लोगों में परम्परा को जीवित रखने को लेकर गहरी नाराजगी बनी हुई है।











