रायपुर, छत्तीसगढ़। अधर्म पर धर्म की जीत का प्रतीक पर्व विजयादशमी इस साल 2 अक्टूबर 2025 को पूरे धूमधाम से मनाया जाएगा। राजधानी रायपुर में दशहरा उत्सव की तैयारियां जोर-शोर से शुरू हो गई हैं। शहर के बांसटाल में जहां छोटे पुतले अंतिम रूप ले रहे हैं, वहीं WRS और ऐतिहासिक रावणभाठा मैदान जैसे प्रमुख स्थलों पर बुराई का प्रतीक दशानन धू-धूकर जलने के लिए तैयार हो रहा है।
WRS मैदान में 110 फीट के रावण पर सबकी निगाहें
रायपुर के WRS दशहरा मैदान में इस बार विशालकाय रावण आकर्षण का मुख्य केंद्र होगा। यह इस मैदान पर उत्सव का 53वां वर्ष होगा।
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पुतलों की भव्यता: यहां 110 फीट ऊंचा रावण और 85-85 फीट ऊंचे कुंभकरण व मेघनाद के पुतले तैयार किए जा रहे हैं। रावण का मुखौटा तैयार हो चुका है, जिसे दहन के दिन क्रेन की मदद से पुतले पर लगाया जाएगा।
भव्य आतिशबाजी: इस आयोजन में मुख्यमंत्री और राज्यपाल सहित हजारों लोग उत्सव मनाने जुटते हैं। जब रावण जलता है, तो सतरंगी इलेक्ट्रॉनिक आतिशबाजी की छटा पूरे मैदान में फैल जाती है। इस भव्यता के कारण कुछ समय के लिए ट्रेनों को भी रोका जाता है।
रावणभाठा मैदान: 500 साल के इतिहास का गवाह
शहर का ऐतिहासिक रावणभाठा मैदान 500 साल से भी अधिक समय से इस उत्सव का गवाह रहा है। इस प्राचीन स्थल पर इस बार 150वां दशहरा उत्सव मनाया जाएगा।
धार्मिक परंपरा: इस मैदान का इतिहास प्राचीन दूधाधारी मठ से जुड़ा है। दशहरा के दिन मठ के महंत रामसुंदर दास द्वारा भगवान श्रीराम का सोने के मुकुट से अभिषेक पूजन और महाआरती की जाती है।
उत्सव का नजारा: शाम को बालाजी की पालकी के साथ रामलीला के पात्र मैदान पहुंचते हैं, जिसके बाद रामलीला का मंचन और भव्य आतिशबाजी का नजारा देखने को मिलता है।
बोरियाखुर्द और अन्य स्थानों पर भी उत्सव की धूम
बोरियाखुर्द में भी दशहरा उत्सव की तैयारियां तेज हैं, जिसके लिए हाल ही में भूमिपूजन किया गया। यहां 55 फीट ऊंचा रावण तैयार किया जा रहा है। उत्सव कमेटी के अध्यक्ष गजेंद्र तिवारी ने बताया कि इस बार आकर्षक इलेक्ट्रॉनिक आतिशबाजी और जस गीत सम्राट दुकालू यादव एवं उनकी टीम की विशेष प्रस्तुति आकर्षण का केंद्र रहेगी।
इन तीन प्रमुख स्थानों के अलावा, राजधानी में शंकरनगर बीटीआई ग्राउंड, संजयनगर, चौबे कॉलोनी, कोटा रामनगर, सप्रे शाला मैदान, सुंदरनगर, न्यू राजेंद्रनगर अमलीडीह और बिरगांव जैसे दर्जनों स्थानों पर भी रावण दहन की तैयारियां जोरों पर हैं।









