CG NEWS : बालोद : नाबालिग पुलिस अधिकारी के बेटे ने मजदूर को मारी टक्कर, परिवार के सामने उठे रोटी-रोज़ी के संकट

Sanjay Sahu
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CG NEWS : बालोद:- ट्रैफिक नियमों की सख़्ती का सबक आम जनता को सिखाने वाली छत्तीसगढ़ के बालोद जिला पुलिस पर अब लोग सवाल उठा रहे हैं, क्योंकि नियमों की धज्जियां उड़ाने वाला कोई और नहीं बल्कि पुलिस अधिकारी का ही नाबालिग बेटा निकला। शनिवार शाम गंजपारा दुर्गा मंदिर के पास हुई दुर्घटना ने यह साबित कर दिया कि कानून गरीबों और आम जनता पर ही भारी पड़ता है।

CG NEWS : जानकारी के मुताबिक, कंवर चौकी प्रभारी एएसआई लता तिवारी का बेटा नाबालिग उम्र में ही बिना लाइसेंस और बिना हेलमेट स्कूटी दौड़ा रहा था। ट्यूशन से लौटते वक्त उसने सड़क पार कर रहे शिकारीपारा निवासी मजदूर धरम दास यादव को जोरदार टक्कर मार दी। हादसा इतना भयानक था कि स्कूटी चालक और राहगीर दोनों ही गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर तड़पने लगे। स्थानीय लोग तुरंत उन्हें जिला अस्पताल ले गए, लेकिन वहां भी हालात मजदूर परिवार के लिए और ज्यादा पीड़ादायक हो गए।

CG NEWS : डॉक्टरों ने बताया कि नाबालिग के जबड़े में चोटें हैं, जबकि हमाल धरम दास यादव के शरीर के कई हिस्सों में गहरी चोटें आई हैं। मजदूर की हालत नाजुक होने के बावजूद अस्पताल में मौजूद समाजसेवियों और लोगों ने नाबालिग के परिवार से संपर्क कर संवेदना जताई, लेकिन हमाल के परिवार को सूचना देने की ज़िम्मेदारी किसी ने नहीं समझी। नतीजा यह हुआ कि करीब एक घंटे बाद मजदूर का परिवार भागमभाग कर अस्पताल पहुंचा।

CG NEWS : धरम दास यादव का परिवार पूरी तरह से मजदूरी पर आश्रित है। उनकी रोज़ाना की मेहनत से ही घर का चूल्हा जलता है। परिवार की व्यथा सुनते ही हर कोई भावुक हो उठा। उनका कहना है कि अगर घर के कमाऊ सदस्य की जान चली गई या वे अपंग हो गए, तो पत्नी और बच्चों का पेट कौन भरेगा। गरीब मजदूर के लिए यह हादसा केवल एक सड़क दुर्घटना नहीं बल्कि पूरे परिवार की रोटी-रोज़ी पर संकट बनकर आया है।

CG NEWS : लोगों ने यह भी सवाल उठाया कि शहर के हर चौक-चौराहे पर ट्रैफिक पुलिस तैनात रहती है, बिना हेलमेट चालान काटे जा रहे हैं, यहां तक कि पेट्रोल पंप पर भी बिना हेलमेट तेल नहीं दिया जाता। ऐसे में एक पुलिस अधिकारी का बेटा बिना लाइसेंस और बिना हेलमेट स्कूटी दौड़ाता कैसे घूम रहा था? अगर यही गलती किसी आम आदमी या गरीब का बेटा करता तो अब तक उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज हो जाती और शायद जेल की हवा भी खानी पड़ती।

CG NEWS : दुर्घटना के बाद न तो पुलिस अधिकारियों ने और न ही प्रशासनिक अमले ने मजदूर के परिवार से हालचाल पूछना जरूरी समझा। इससे ग्रामीणों और स्थानीय लोगों में गुस्सा है। उनका कहना है कि कानून सबके लिए बराबर होना चाहिए। जब एक ओर आम नागरिकों को छोटी-छोटी गलतियों पर जुर्माना भरना पड़ता है, तो दूसरी ओर पुलिस परिवार के लोग ही कानून तोड़कर बच निकलें, यह न्यायसंगत नहीं।

 

 

CG NEWS : अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या धरम दास यादव जैसे गरीब मजदूर को न्याय मिलेगा? या फिर मामला दबा दिया जाएगा क्योंकि आरोपी एक पुलिस अधिकारी का बेटा है। घायल मजदूर का परिवार आज भी अस्पताल के बिस्तर पर बैठे अपने मुखिया की सांसों पर टकटकी लगाए है और दुआ कर रहा है कि किसी तरह उनकी रोज़ी-रोटी का सहारा बच जाए।

 

 

 

CG NEWS : यह घटना केवल एक सड़क हादसा नहीं, बल्कि व्यवस्था पर गंभीर सवाल है—क्या कानून केवल गरीबों के लिए है और अमीर या रसूखदार परिवारों के लिए इसके मायने अलग हैं? यह फैसला आने वाला समय बताएगा, लेकिन फिलहाल धरम दास यादव और उनका परिवार दर्द, बेबसी और अनिश्चित भविष्य की लड़ाई लड़ रहा है।

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