नई दिल्ली, 28 अगस्त 2025। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज दो दिवसीय जापान यात्रा पर रवाना होंगे। 29 और 30 अगस्त को वे अपने जापानी समकक्ष शिगेरु इशिबा से मुलाकात करेंगे और 15वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। यह मोदी की जापान की आठवीं यात्रा है और इशिबा के साथ उनकी पहली शिखर वार्ता होगी। इसके बाद प्रधानमंत्री चीन यात्रा पर जाएंगे।
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10 ट्रिलियन येन का निवेश पैकेज
सूत्रों के अनुसार, जापानी सरकार भारत के लिए 10 ट्रिलियन येन (करीब 68 अरब अमेरिकी डॉलर) के निवेश लक्ष्य की घोषणा कर सकती है। मार्च 2022 में पूर्व प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा ने भी भारत में 5 ट्रिलियन येन निवेश की घोषणा की थी।
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बुलेट ट्रेन से आगे, अब फोकस सेमीकंडक्टर्स पर
दोनों देश आर्थिक सुरक्षा सहयोग के लिए नए ढांचे पर सहमत हो सकते हैं। इसमें आवश्यक खनिज, स्वच्छ ऊर्जा और सेमीकंडक्टर्स को प्राथमिकता दी जाएगी। संभावना है कि प्रधानमंत्री मोदी और इशिबा सेंडाई शहर भी जाएं, जो अपने सेमीकंडक्टर कौशल के लिए प्रसिद्ध है। चर्चा है कि दोनों नेता बुलेट ट्रेन से यात्रा भी कर सकते हैं।
मोदी की यात्रा का एजेंडा
- 29–30 अगस्त: 15वां भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन।
- मोदी और इशिबा की पहली वार्षिक मुलाकात।
- व्यापार, निवेश, रक्षा, विज्ञान, प्रौद्योगिकी और संस्कृति पर गहन चर्चा।
- जापानी उद्योगपतियों और नेताओं से पीएम मोदी की मुलाकात।
भारत-जापान रिश्ते: प्राचीन बंधन और आधुनिक सहयोग
भारत और जापान का संबंध सहस्राब्दी पुराना है। छठी शताब्दी में बौद्ध धर्म जापान पहुंचा और वहां की संस्कृति पर गहरा प्रभाव डाला। आधुनिक दौर में भारत में जापानी कारें (टोयोटा, होंडा, सुजुकी), इलेक्ट्रॉनिक्स (सोनी, पैनासोनिक), गेमिंग (निनटेंडो, प्लेस्टेशन) और व्यंजन (सुशी, रेमेन) बेहद लोकप्रिय हैं।
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व्यापारिक तस्वीर
- जापान भारत को ऑटोमोबाइल्स, ऑटो पार्ट्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, मशीनरी और स्टील उत्पाद निर्यात करता है।
- भारत से जापान को पेट्रोकैमिकल्स, कपास, लौह अयस्क, आभूषण और समुद्री उत्पाद भेजे जाते हैं।
- 2024 में द्विपक्षीय व्यापार लगभग 21 अरब डॉलर का रहा।
- इसमें भारत का निर्यात 6.7 अरब डॉलर और आयात 13.14 अरब डॉलर रहा, जिससे व्यापार घाटा भारत के खिलाफ रहा।











