नई दिल्ली। 3 और 4 सितंबर को होने वाली GST काउंसिल की बैठक में टैक्स स्ट्रक्चर को सरल बनाने पर बड़ा निर्णय लिया जा सकता है। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण करेंगी, जिसमें सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के वित्त मंत्री शामिल होंगे।
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केंद्र सरकार ने मौजूदा चार स्लैब (5%, 12%, 18%, 28%) की जगह केवल दो दरें रखने का सुझाव दिया है—
- 5% टैक्स : रोजमर्रा की जरूरत की वस्तुओं पर
- 18% टैक्स : ज्यादातर स्टैंडर्ड कैटेगरी उत्पादों पर
इसके अलावा, लग्जरी आइटम और हानिकारक उत्पादों (जैसे पान मसाला, सिगरेट, लग्जरी कार) पर 40% की विशेष दर प्रस्तावित है।
- 12% वाले उत्पाद 5% स्लैब में आने से दूध, दही, स्टेशनरी और कई शैक्षणिक वस्तुएं सस्ती हो सकती हैं।
- छोटी कारों, एसी और इलेक्ट्रॉनिक्स की कीमतों में कमी संभव।
- बिल्डिंग मटीरियल के दाम घटने से घर बनाने की लागत भी कम हो सकती है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त को लालकिले से ऐलान किया था कि दिवाली से पहले नया GST ढांचा लागू किया जाएगा। विशेषज्ञों के अनुसार इस कदम से आम लोगों की जेब पर बोझ घटेगा और बाजार में रौनक बढ़ेगी।











