Election Commission Press Conference : नई दिल्ली। बिहार में वोट चोरी और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर जारी विवाद के बीच चुनाव आयोग ने अब खुद सामने आकर स्थिति स्पष्ट की है। चुनाव आयोग ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि राहुल गांधी सहित किसी भी राजनीतिक दल द्वारा लगाए गए वोट चोरी के आरोप पूरी तरह गलत और झूठे हैं। आयोग ने सभी दलों को भरोसा दिलाया कि वह संविधान और नियमों के मुताबिक निष्पक्ष रवैया अपनाएगा और किसी भी पक्ष या विपक्ष के प्रति भेदभाव नहीं करेगा।
Election Commission Press Conference : चुनाव आयोग ने बताया कि बिहार में एसआईआर के तहत 7 करोड़ से अधिक मतदाताओं की सूची गहन जांच के लिए तैयार की गई है। ड्राफ्ट मतदाता सूची में अब तक 28 हजार दावे और आपत्तियां दर्ज हो चुकी हैं और सभी राजनीतिक दलों को त्रुटियों की जानकारी देने के लिए समय सीमा 1 सितंबर तक बढ़ाई गई है। आयोग ने कहा कि मतदाता सूची में किसी भी बदलाव या त्रुटि को सही करने का काम जमीन पर BLOs और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के सहयोग से किया जा रहा है।
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मुख्य चुनाव आयुक्त ने स्पष्ट किया कि वोट चोरी जैसे आरोप संवैधानिक मूल्यों का अपमान है। उन्होंने कहा कि सभी राजनीतिक दल आयोग के साथ बराबरी के आधार पर काम कर रहे हैं और मतदाता सूची में किसी प्रकार का पक्षपात नहीं किया जाएगा। आयोग ने यह भी कहा कि अगर किसी दल के नेता आरोपों के समर्थन में हलफनामा या प्रमाण प्रस्तुत करने में असफल रहते हैं तो उन्हें सार्वजनिक माफी देनी होगी।
चुनाव आयोग का यह कदम विशेष रूप से बिहार में एसआईआर और मतदाता सूची की पारदर्शिता को लेकर बढ़ते विवाद को शांत करने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आयोग का संदेश साफ है कि मतदाता हर हाल में अपने अधिकार का प्रयोग कर सकेंगे और किसी भी प्रकार की गुमराह करने वाली साजिश का पालन नहीं होगा।











